मंगलौर में हुआ चेहल्लुम के जुलूस और मजलिस का आयोजन
मंगलौर कस्बे के मोहल्ला पठानपुरा स्थित बड़े इमामबाड़े में चेहल्लुम की मजलिस का आयोजन हुआ।
चेहल्लुम के जुलूस को संबोधित करते हुए मौलाना सय्यद काजिम मेहंदी उरूज जौनपुरी ने कहा कि कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन जंग के इरादे से नहीं गए थे। यजीद ने ऐसा माहौल बना दिया था कि जिससे इंसानियत शर्मसार हो रही थी। वह दीन-ए-इस्लाम के साथ-साथ इंसानियत को मिटाने पर आमादा हो गया था। हजरत इमाम हुसैन ने जालिम के आगे सिर नहीं झुकाया बल्कि अपनी कुर्बानी पेश कर दी।
कहा कि इमाम हुसैन के बताए मार्ग पर चलकर आज दुनिया में फैले आतंकवाद से लड़ा जा सकता है। इस दौरान बड़े इमामबाड़े से चेहल्लुम का मुख्य मातमी जुलूस शुरू हुआ। बाबुल मुराद पहुंचकर यहां से अजादार जुलूस में शामिल हो गए। यह जुलूस बारगाह ए जैनबिया पहुंचा। दरबार-ए-हुसैन से निकला जुलूस भी यहीं आकर इस जुलूस में शामिल हो गया। यहां से यह जुलूस चुंगी नंबर तीन पर पहुंचा, जहां पर अजादारों ने जंजीर का मातम कर अपने शरीर लहूलुहान कर लिए। इसके बाद लंढौरा रोड, पुलिस चौकी, मोहल्ला टोली आंशिक पठानपुरा होते हुए जुलूस थाना बाईपास मार्ग स्थित कर्बला पहुंचा। जुलूस का संचालक बड़े इमामबाड़े के प्रबंधक अमीर हैदर जैदी, अली मेहंदी जैदी, मोहर्रम अली जाफरी, रजब अली आरफी ने किया।