पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही झमाझम बारिश के चलते गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान के करीब पहुंच गया है। बढ़ रहे जलस्तर से गंगा नदी किनारे बसे दो दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। वहीं क्षेत्र में स्थित बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारी नदी के जलस्तर पर निगरानी कर रहे हैं।
पहाड़ों के बाद अब दो दिन से मैदानी क्षेत्र में भी झमाझम बारिश हो रही है। इसके चलते गंगा, सोलानी और बाणगंगा नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। रविवार दोपहर 12 बजे गंगा नदी का जलस्तर 292.80 मीटर दर्ज किया गया, जो गंगा नदी के चेतावनी निशान 293 मीटर से कुछ ही कम है। हालांकि गंगा के जलस्तर के खतरे का निशान 294 है। गंगा में बढ़ रहे जलस्तर के चलते सालों से ध्वस्त पड़े गंगा के टूटे तटबंध से पानी खानपुर क्षेत्र की ओर कृषि भूमि में फैलने लगा है। बढ़ रहे जलस्तर से गंगा नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। ग्रामीणों को आशंका सता रही है कि यदि ऐसे ही बारिश होती रही तो आने वाले एक-दो दिन में ही गंगा में आने वाला बाढ़ का पानी क्षेत्र की कृषि भूमि से आबादी तक पहुंचकर नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि तहसील प्रशासन द्वारा क्षेत्र के गोवर्धनपुर, माडाबेला, बालावाली और भिक्कमपुर में बनाई गई बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारी नदियों के जलस्तर पर निगाह रख रहे हैं।