खेतों में नमी न होने और पाले से गेहूं की फसल हो रही प्रभावित
लक्सर। सर्द मौसम में शीतलहर और पाला पड़ने से रबी की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। बीते करीब दो महीनों से बारिश न होने से फसलों पर असर पड़ा है। किसान फसलों को पाले के असर से बचाने के लिए सिंचाई कर रहे हैं लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है। आमतौर पर दिसंबर में बारिश होती है लेकिन इस बार करीब दो माह से बारिश नहीं हुई है जिससे किसान मायूस हैं। बारिश न होने और पाला गिरने से खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पा रही है। इससे गेहूं, सरसों और हरे चारे की फसल प्रभावित हुई है। किसान राकेश कुमार और कमलकांत ने बताया कि गेहूं की बुआई के बाद अभी तक एक भी बार बारिश नहीं हुई है। ऐसे में गेहूं का अंकुर नहीं फूट रहा है इसका सीधा असर गेहूं की फसल पर पड़ा रहा है। उन्होंने बताया कि बारिश होने के बाद का कोहरा गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है लेकिन पाला गिरने से फसल को नुकसान हो रहा है। किसान बबलू और जोध सिंह के अनुसार, पाला गिरने से सरसों पर आए फूल झर रहे हैं जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा। इसके अलावा पाला गिरने से हरे चारे की फसल भी प्रभावित हुई है। इस कारण पशुपालकों को हरे चारे की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कृषि विशेषज्ञ विनोद जोशी ने बताया कि फसल को पाले के प्रकोप से बचाने के लिए खेत में नमी की आवश्यकता है। किसानों को फसलों को नुकसान से बचाने के लिए खेतों की सिंचाई करनी चाहिए।