व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज देख रुड़की से बहादराबाद खून देने के लिए पहुंचे
धर्म को भुलाकर कुछ लोग इंसानियत को तरजीह दे रहे हैं। रुड़की के सलमान भी उनमें से एक हैं। उन्होंने धर्मभेद भुलाकर दुर्लभ श्रेणी के रक्त की जरूरत से जूझ रही हिंदू परिवार की दो दिन की मासूम की जान बचाई है। बच्ची की जान बचाने पर मासूम के परिजनों ने सलमान का आभार जताया है।
रक्तदान महादान इंसानियत ट्रस्ट के अध्यक्ष अनस गाजी ने बताया कि उन्होंने ब्लॅड डोनर टीम के नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है। शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे ग्रुप में राहुल मालिक की ओर से एक मैसेज डाला गया था। मैसेज में एक दो दिन की मासूम को दुर्लभ श्रेणी के ओ निगेटिव रक्त की जरूरत होने की जानकारी दी गई। साथ में एक पर्चा भी डाला गया था। इसमें बच्ची के मातृछाया मेडिकल सेंटर रानीपुर मोड़, हरिद्वार में भर्ती होने की जानकारी दी गई। ग्रुप में मैसेज देखकर उन्होंने पर्चे पर दिए गए मोबाइल नंबर पर जानकारी ली। जानकारी पर पता चला कि दो दिन की मासूम मीना निवासी ज्वालापुर की है। इसके बाद वह सलमान निवासी माधोपुर, रुड़की को साथ लेकर हरिद्वार पहुंचे। यहां पर सलमान ने ब्लॅड बैंक में ओ निगेटिव रक्त दिया। समय पर रक्त मिलने से मासूम की जान बच गई।
टीम से जुड़े लोगों के ब्लॅड ग्रुप की है जानकारी
अनस गाजी ने बताया कि उनकी टीम से जुड़े सभी लोगों के ब्लॅड ग्रुप की पूरी जानकारी उनके पास है। जैसे ही बच्ची को ओ निगेटिव रक्त की जानकारी मिली तो उन्होंने सलमान से संपर्क किया था। सलमान ने भी ब्लड देने में काेई देरी नहीं की।