परिवार सहित जहर खाने वाली घटना में पिता-बेटी की एम्स ऋषिकेश में बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि मां-बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों का एम्स ऋषिकेश में इलाज चल रहा है। दंपती का यह कदम उठाने के पीछे के कारण उनका पैसा डबल कराने वाले गिरोह के जाल में फंसना बताया जा रहा है। इसमें दंपती अपनी सारी जमा पूंजी, यहां तक कि बाइक भी गंवा चुके थे। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
कलियर क्षेत्र के सोहलपुर सिकरोढ़ा निवासी अभिषेक (26) पुत्र नत्थुराम बुधवार शाम अपनी पत्नी मीनाक्षी (24) और बेटी किट्टो (2) और बेटा लड्डू (4) को लेकर घर से निकला था। यहां से अभिषेक ने गांव के पास स्थित एक बाग में जाकर अपने दोनों बच्चों और पत्नी को जहर देकर स्वयं भी पी लिया था। कुछ देर में चारों की तबीयत बिगड़ने लगी तो पास से गुजर रहे राहगीरों और परिजनों ने उन्हें रुड़की के निजी अस्पताल के बाद ऋषिकेश स्थित एम्स में भर्ती कराया था।
बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान अभिषेक और उसकी बेटी किट्टो की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी और बेटे की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि शाम को घर से निकलकर पहले अभिषेक ने हद्दीपुर पहुंचकर जहर खरीदा। वहीं से उसने कोल्ड ड्रिक ली। इसके बाद कोल्ड ड्रिक में जहर मिलाकर वह पत्नी व बच्चों को बाग में ले गया, जहां पहुंचकर उसने सभी को कोल्ड ड्रिक पिलाई और स्वयं भी पी। वहीं पुलिस जांच में दंपती का यह कदम उठाने के पीछे आर्थिक तंगी होने का कारण सामने आया है।
पुलिस के अनुसार कुछ दिन पहले अभिषेक को एक फोन आया था, जिसने उसकी रकम दोगुनी करने का लालच दिया था। झांसे में आकर अभिषेक ने अपनी सारी जमा पूंजी के साथ ही अपनी बाइक गिरवी रखकर और परिचितों से पैसा उधार लेकर युवक को सौंप दिया था। जब अभिषेक को उसके साथ हुई ठगी का पता चला तो वह मानसिक तनाव में आ गया। वहीं बताया जा रहा है कि घर में पिता के बाइक के बारे में पूछने पर वह कोई जवाब नहीं दे पाया और परिवार सहित जहर खा लिया। एसओ मनोहर सिंह भंडारी ने बताया कि ठगी के पीछे आर्थिक तंगी का कारण सामने आया है। अभिषेक किसके झांसे में आया, इसकी पड़ताल चल रही है।