भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के पदाधिकारियों ने किसानों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर किसानों का शोषण करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने 15 सूत्री मांगपत्र तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा।
रविवार को भाकियू टिकैत गुट के पदाधिकारी किसानों के साथ एकत्र होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू किया। किसानों को संबोधित करते हुए यूनियन के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि किसानों को अपनी फसलों में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में किसान खेती छोड़कर शहर की ओर पलायन करने पर मजबूर हैं। कहा कि सरकार ने एमएसपी और गारंटी कानून बनाने में एक कमेटी गठित की है, लेकिन उसमें कुछ ऐसे लोग हैं, जिन पर किसानों को भरोसा नहीं है। ऐसे में उन्होंने किसानों के भरोसे के लोगों को कमेटी में शामिल करने की मांग की। उन्होंने फसलों के उचित लाभकारी मूल्य के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग की। इसके अलावा अग्निपथ योजना से मिली चार साल की नौकरी के बाद 75 फीसदी जवानों को देश की अन्य एजेंसियों जैसे पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों में प्राथमिकता के आधार पर चयनित किया जाए और चयन न होने तक की स्थिति में उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। उन्होंने उक्त मांगों के समर्थन में तहसीलदार के माध्यम से एक ज्ञापन प्रधानमंत्री को भी भेजा। प्रदर्शन करने वालों में मंडल उपाध्यक्ष सोमवीर, ब्लॉक उपाध्यक्ष लियाकत अली, गुरवीर, पंकज सैनी, कुलदीप, राव अलीम, नौशाद, जाहिद, आलिम, शहजाद, पीरु, कुलदीप कुमार, जाहिद अली, तालिब, माजिद, तौशीफ, सादा और उदयवीर मौजूद रहे।