ध्वस्त पड़े तटबंध से बाढ़ का पानी कृषि भूमि में फैला
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से गंगा, सोलानी और बाणगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। नदियों किनारे बसे ग्रामीणों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। इधर शहर से लेकर देहात तक झमाझम बारिश हो रही है।
शुक्रवार की दोपहर दो बजे गंगा का जलस्तर 291.30 मीटर दर्ज किया गया। नदी के कई जगह से ध्वस्त पड़े तटबंध से बाढ़ का पानी कृषि भूमि में फैल गया है। गंगा का खतरे का निशान 294 मीटर है।
कॉलोनियों में भरा पानी
लक्सर। बारिश के चलते कई कॉलोनियों में पानी भर गया। शुक्रवार को भी नगर पालिका प्रशासन कई स्थानों पर हुए जलभराव की निकासी कराने में जुटा रहा। नगर पालिका की ओर से बसेड़ी रोड, आदर्श कॉलोनी, लोको मोहल्ला व पुराना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आदि से पानी की निकासी कराई गई। वहीं, देहात में भी कई गांवों में भी पानी भर गया।
चारे का संकट गहरायासुल्तानपुर। बरसात के चलते किसानों के खेतों में खड़ी सब्जी, गन्ना, चारा आदि की फसल पानी में डूबकर खराब होने की कगार पर पहुंच गई है। किसान चंदन सिंह, गुरजीत सिंह, बीरू, सूरज सिंह, श्याम सिंह, संजय, राज्यपाल, हातिम आदि का कहना है कि गहराई के खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से पानी में डूबकर खराब हो चुकी है। खेतों में पशुओं के चारे के लिए बोई गई मक्का, चेरी आदि भी पानी में डूबी हुई है। इससे पशु चारे का संकट खड़ा हो गया है।