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Roorkee News: सिविल अस्पताल में चार माह बाद रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती

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10 जुलाई को करेंगे ज्वाइन, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
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सिविल अस्पताल रुड़की में आखिरकार रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती हो ही गई। चार माह से अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। इससे अस्पताल में अल्ट्रासाउंड पूरी तरह से बंद हैं। वहीं एक्स-रे तो हो रहे हैं लेकिन उनकी रिपोर्ट नहीं मिल पाती है। रेडियोलोजिस्ट के आ जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

सिविल अस्पताल रुड़की में तैनात रहे सीनियर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मनीष दत्त को 28 फरवरी को सीएमओ हरिद्वार का कार्यभार सौंप दिया गया था। इसके बाद से डॉ. मनीष दत्त सीएमओ का कार्यभार देख रहे हैं। उनके जाने के बाद अस्पताल में अल्ट्रासाउंड बंद हो गए थे। साथ ही एक्स-रे की रिपोर्ट भी नहीं मिल पा रही थी। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पुलिस केस से संबंधित घायलों को तो एक्स-रे के लिए हरिद्वार की दौड़ लगानी पड़ रही थी। अस्पताल में प्रतिदिन 40 एक्स-रे होते थे लेकिन रेडियोलोजिस्ट के न होने से मरीजों को निजी केंद्रों पर जाकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर मरीज अल्ट्रासाउंड करा भी नहीं पा रहे थे। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि अस्पताल को नया रेडियोलॉजिस्ट मिल गया है। निदेशालय की ओर से रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पार्थ वैश्य अस्पताल में नियुक्त किया गया है। वो 10 जुलाई को ज्वाइन करेंगे।
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एक सप्ताह की ट्रेनिंग पर गए सर्जन, 50 मरीज निराश लौटे

सिविल अस्पताल रुड़की में मंगलवार को सर्जन के नहीं मिलने से मरीजों को भारी परेशानी हुई। मरीज पहले तो सर्जन के इंतजार में उनकी ओपीडी के बाहर बैठे रहे। बाद में उन्हें पता चला कि सर्जन बाहर किसी ट्रेनिंग पर गए हुए हैं। इसके बाद 50 से अधिक मरीज निराश होकर बिना उपचार के ही लौट गए।
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सिविल अस्पताल रुड़की में केवल एक ही सर्जन डॉ. विवेक लूंबा है। सर्जन डॉ. विवेक लूंबा मंगलवार को एक ट्रेनिंग गए है। वह ट्रेनिंग से अब तीन जुलाई को अस्पताल में लौटेंगे। अधिकांश मरीजों को उनके ट्रेनिंग पर जाने की जानकारी नहीं थी। इसके चलते प्रतिदिन की तरह से मरीज उनकी ओपीडी में पहुंचे। मरीज ओपीडी के बाहर बैठकर उनका इंतजार करते रहे। जब वह काफी देर तक नहीं आए तो मरीज परेशान हो गए। मरीजों ने जब सर्जन के बारे में जानकारी की तो पता चला कि वह ट्रेनिंग पर गए हैं। अब वह सोमवार को ही मिल पाएंगे। यह सुनकर सभी मरीज निराश होकर लौट गए। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि अस्पताल में केवल एक ही सर्जन है। सर्जन ट्रेनिंग पर गए हैं। उनके आने पर ही सर्जरी से संबंधित मरीजों का उपचार हो सकेगा।

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