नारसन। पुलिस ने साढ़े सात हजार के जाली नोट के साथ बुधवार को पकड़े गए फिरोजाबाद के युवक को जेल भेज दिया। आरोपी यूपी से अपने चार सालों के साथ गंगादर्शन के बहाने उत्तराखंड में जाली नोट चलाने आया था। सालों की भूमिका संदिग्ध न मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया ।
बुधवार देर शाम मंगलौर पुलिस को कार में जाली नोट चलाने वाले गिरोह के रुड़की से नारसन की तरफ आने की सूचना मिली। पुलिस ने चेकिंग शुरू कर दी। इसी बीच संदिग्ध कार मंगलौर से निकल गई। मगर नारसन चौकी प्रभारी सुखपाल मान ने यूपी उत्तराखंड बॉर्डर पर कार को रोक लिया। तलाशी लेने पर ओमवीर निवासी जगजीवननगर कस्बा सेलाई, फिरोजाबाद यूपी के कब्जे से साढ़े सात हजार रुपये के जाली नोट बरामद हुए। ये माजरा देखकर युवक के चार साथी दंग रह गए।
पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी अपने चारों सालों के साथ गंगा दर्शन के बहाने हरिद्वार व आस पास खरीददारी कर जाली नोट चलाने आया था। पुलिस ने सालों से भी तसल्ली से पूछताछ की। उनकी कोई भूमिका संदिग्ध न निकलने पर चारों को बृहस्पतिवार की सुबह छोड़ दिया गया। चौकी प्रभारी सुखपाल मान ने बृहस्पतिवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
हरिद्वार और रुड़की में चलाए जाली नोट
आरोपी ने पुुलिस की पूछताछ में कुबूल किया कि उसने हरिद्वार और रुड़की में जाली नोटों से खरीददारी की है। हरिद्वार में गंगा स्नान के बाद प्रसाद व कपड़े खरीदे। वहीं रुड़की में रुकने के दौरान उसने जाली नोटों से ही खाने पीने का सामान खरीदा।
15 हजार में खरीदे 30 हजार रुपये
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने 15 हजार रुपये में 30 हजार के जाली नोट खरीदे थे। चौकी प्रभारी सुखपाल मान ने बताया कि जाली नोटों की पूरी डीलिंग आगरा से होती थी।