लक्सर। जेल में बंद बेटे और बहु के गम में बूढ़ी मां ने बवाल की घटना के बाद से ही खाट पकड़ ली और खाना पीना भी छोड़ दिया। बुधवार को उसकी मौत हो गई। जिसके बाद बस्ती में गम का माहौल है। हर कोई पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को कोस रहा है।
लक्सर गांव में हुए बवाल की घटना में नौरती (75) का बेटा रामसिंह और दूसरे बेटे की बहु सीता सहित पथरी निवासी रिश्तेदार हरिद्वारी बंद है। बूढ़ी मां के लिए यही बहुत था। वहीं घटना के दिन पुलिसकर्मियों की ओर से की गई बर्बरता ने उसे भीतर से तोड़कर रख दिया। अमर उजाला की टीम ने मंगलवार गांव का हाल देखा। उस समय नौरती की आंखों में आंसू थे। वह कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं थी। बुधवार को नौरती ने दम तोड़ दिया। ग्रामीण मामचंद ने बताया कि वह ठीकठाक थी। लेकिन, घटना के बाद से ही गम में आ गई और खाना पीना छोड़कर खाट पकड़ ली। ग्रामीणों का कहना है कि बेटे और बहु के गम ने ही उस समय से पहले मौत की नींद सुला दिया।
भीड़ पहुंची जेल
बुजुर्ग महिला की मौत के बाद गांव से कई लोग देर शाम एक ट्राली भर कर गांव के लोग रुड़की स्थिति जेल पहुंच गए। सूचना पर पुलिस के अधिकारी भी जेल पहुंच गए। लोगों ने जेल के अधिकारियों से गुहार लगाई की वृद्धा नौरती की मौत हो चुकी है, जबकि उनका बेटा और कई रिश्तेदार जेल में बंद है। उन्होंने वृद्धा के बेटे को छोड़ने की गुहार लगाई। हालांकि जेल व पुलिस के अधिकारियों ने लोगों को समझा कर वापस भेज दिया।