जनपद में लंबे समय तक सक्रिय रहे बदमाशों की कुंडली अब पड़ोसी राज्यों को भेजी जाएगी। पुलिस को शक है कि इनमें भूमिगत हो चुके कुछ बदमाश पर्दे के पीछे से गिरोह चला रहे हैं। पुलिस कप्तान के निर्देश पर पुलिस ने अपराधियों का डोजियर तैयार करने का काम शुरू कर दिया है।
जिले में उत्तर प्रदेश के समय से वेस्ट यूपी के बदमाश हावी रहे हैं। हालांकि उत्तराखंड बनने के बाद पुलिस ने कई एनकाउंटर कर बदमाशों पर नकेल कसी। लेकिन वेस्ट यूपी के कई गिरोहबंद बदमाश अब भी जिले में अपना दखल बराबर रखते हैं।
इनमें सुशील राठी, संजीव उर्फ जीवा, सुशील मूंछ जैसे बदमाश फिलहाल जेल में हैं। लेकिन कुछ बदमाश सीधे तौर पर अपराध जगत में न रहकर गुपचुप गिरोह चला रहे हैं। देहात में लूट व चोरियों की घटनाओं में ऐसे ही गुमनाम गिरोह का हाथ माना जाता रहा है।
हरिद्वार में सक्रिय अपराधियों का डाटा इकट्ठा कर रही पुलिस
यही वजह है कि जिलेभर में कोई भी बड़ी घटना होने पर पुलिस पड़ोसी यूपी के जिलों में जेल में बंद पुराने सूरमाओं से पूछताछ करती है। लेकिन कोई फायदा नहीं होता। इन हालात से निपटने के लिए पुलिस अब उन सभी अपराधियों का डाटा इकट्ठा कर रही है जो पहले लंबे समय तक हरिद्वार में सक्रिय रहे हैं।
इनकी धरपकड़ के लिए पड़ोसी राज्यों में भी यह डोजियर भेजा जाएगा। पुलिस कप्तान सेंथिल अबूदई कृष्ण्राज एस ने इस बाबत अधीनस्थों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
एसएसपी ने बताया कि भूमिगत बदमाशों की धरपकड़ के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पड़ोसी राज्यों से भी मदद ली जाएगी।