ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
जिले में एक और शिक्षक के प्रमाणपत्र एसआईटी जांच में फर्जी पाए गए हैं। एसआईटी ने विभागीय अधिकारियों को आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके बाद विभाग की ओर से गंगनहर कोतवाली में शिक्षक के खिलाफ तहरीर दी गई है। इसके आधार पर पुलिस, शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
अमर उजाला की ओर से चलाए गए ‘नकली डिग्री असली नौकरी’ अभियान के बाद सरकार के आदेश पर गठित एसआईटी की जांच में एक के बाद एक कई शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए जा रहे हैं। चार दिन पहले भी भगवानपुर थाने में दो शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इनमें से एक का मूल निवास तो दूसरी महिला शिक्षिका की बीएड की डिग्री जांच में फर्जी निकली थी। इसके बाद रुड़की ब्लॉक में एक और शिक्षक के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। एसआईटी ने इस शिक्षक के प्रमाणपत्र मांगे थे। प्रमाणपत्रों की जांच की गई तो सामने आया कि शिक्षक ने नौकरी प्राप्त करते समय अपना मूल निवास हरिद्वार जनपद दिखाया था जबकि वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। एसआईटी ने जांच के बाद विभागीय अधिकारियों को कार्रवाई के लिए आदेशित किया था। इसके बाद विभाग की ओर से गंगनहर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है। गंगनहर कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि शिक्षक के खिलाफ तहरीर मिली है, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने अधूरे कागज उपलब्ध कराए हैं। पूरे कागजात आते है केस दर्ज किया जाएगा।