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- चेसिस नंबर सिरेंडर, सड़क पर दौड़ रहे विक्रम

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रुड़की। चेसिस नंबर सरेंडर करने के बाद रुड़की और हरिद्वार शहर में कई विक्रम संचालित हो रहे हैं। जांच के दौरान यातायात पुलिस ने मलकपुर चुंगी से दो ऐसे विक्रमों को पकड़ा है। दोनों विक्रम हरिद्वार के नंबर पर पंजीकृत हैं। इससे एआरटीओ कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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यातायात पुलिस की ओर से मंगलवार को वाहनों की जांच की जा रही थी। तभी एक विक्रम ने सवारी उतार कर तेजी से वापस जाने लगा। शकर पर पुलिस ने चालक को पकड़ लिया। पुलिस की ओर से जब इस विक्रम के चालक से कागजात मांगे तो वह कागज नहीं दिखा पाए। जांच की गई तो चेसिस कटी मिली। इसके बाद पुलिस ने हिंदी में नंबर प्लेट लिखे विक्रम को रोका। वह चालक भी कागजात नहीं दिखा पाया। पुलिस ने चेसिस की जांच की तो उसकी चेसिस भी कटी हुई थी। इस पर यातायात पुलिस ने दोनों विक्रम को बोट क्लब स्थित यातायात पुलिस लाइन में खड़ा करवा दिया है।

...तो दलालों के माध्यम से जमा कर दिए थे कागज
नियमानुसार किसी विक्रम की 10 साल की आयु के बाद उसकी चेसिस नंबर काटकर एआरटीओ कार्यालय में जमा करना होता है। इसके बाद वाहन स्वामी की ओर से वाहन कबाड़ी को बेचकर नष्ट कराना होता है। कबाड़ी की ओर से विक्रम काटने की रसीद एआरटीओ कार्यालय में जमा करवानी पड़ती है। ऐसे में वाहन मालिक ने दलालों के माध्यम से कबाड़ी की ओर से दिए गए फर्जी रसीद एआरटीओ कार्यालय हरिद्वार में जमा की होगी।
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फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चल रहे थे विक्रम
पुलिस ने जो विक्रम पकड़े हैं उनमें एक का नंबर- यूके08टीए-2873 और दूसरे का नंबर- यूके 08टीए-2876 अंकित है। एआरटीओ कार्यालय में यह वाहन मोहम्मद आसिफ और दूसरा परवीन के नाम पर पंजीकृत हैं। यातायात पुलिस का मानना है कि इन वाहनों पर लगी नंबर प्लेटें फर्जी हो सकती हैं।

बिना सेंटर, परमिट संख्या लिखे विक्रम फर्जी
रुड़की, लक्सर, भगवानपुर, हरिद्वार में कई विक्रम ऐसे संचालित हो रहे हैं जिन पर न सेंटर का नाम लिखा रहता है न परमिट संख्या, न वैधता। न सुरक्षा को लेकर रिफ्लेक्टर। इन विक्रमों से ऐसा अंदाजा लगाया जा है कि वह बिना कागजों से संचालित हो रहे हैं। एआरटीओ प्रवर्तन को ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

वाहनों की चेकिंग के दौरान मलकपुरी चुंगी में दो विक्रम ऐसे पकड़े गए जिनकी चेसिस नंबर काटे हुए थे। पूछताछ में चालकों ने बताया कि चेसिस नंबर एआरटीओ कार्यालय हरिद्वार में जमा किए गए हैं। ऐसे विक्रमों को एआरटीओ की ओर से कटवाया जाना था। नंबर प्लेट भी संदिग्ध लग रही है। इसकी जांच की जा रही है। -
योगेश कुमार सक्सेना, यातायात निरीक्षक, रुड़की

यदि किसी ऑटो विक्रम का चेसिस काटकर एआरटीओ कार्यालय में जमा किया गया है तो उस वाहन को एआरटीओ के सामने नष्ट किया जाता है। उसका पंजीकरण नंबर खत्म कर, परमिट रिपलेस के लिए कार्रवाई की जाती है। ऐसे वाहनों का सड़क पर चलाना गलत है। ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
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एनके ओझा, एआरटीओ (प्रवर्तन) रुड़की
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