लक्सर। सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने कस्बे में स्कूल टाइम में भारी वाहनों पर रोक लगाई हुई है। लेकिन पुलिस की यह सख्ती धरातल पर नजर नहीं आ रही है। बुधवार को दिनभर कस्बे में भारी वाहन दौड़ते रहे। जिसकी वजह से हाईवे से लेकर संपर्क मार्गों पर जाम लगने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
15 दिन पहले टायर फैक्ट्री के निकट ट्रक-बाइक की भिड़ंत में महिला और उसके दुधमुंहे बच्चे की मौत हो गई थी। इस पर यातायात सीओ वीरेंद्र डबराल, लक्सर सीओ चंदन सिंह बिष्ट ने कस्बे से होकर जा रहे हाईवे, संपर्क मार्गों का निरीक्षण कर स्कूल जाने और स्कूल छुट्टी के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी, लेकिन पुलिस की यह योजना दो दिन चलने के बाद पटरी से उतरती नजर आ रही है। बुधवार को कस्बे के हाईवे समेत तमाम संपर्क मार्गों पर जाम लगा रहा। सुबह करीब 11 बजे कस्बे में लगे जाम से लोग बेहद परेशान रहे। सूचना पर मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस जाम खुलवाने को मशक्कत करती रही, लेकिन इसी बीच भी गन्ने से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां व भारी वाहन दौड़ते रहे। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों को हुई। परिजन अपने बच्चों को मुख्य मार्गों से घर ले जाने की बजाय कस्बे के अन्य संपर्क मार्गों से होकर घंटों बाद घर पहुंचे। इस संबंध में ग्रामीण कालूराम चौधरी, पूर्व प्रधान पंकज भाटी, जगपाल सिंह, प्रवीण कुमार का कहना है कि पुलिस प्रशासन के आदेश के बाद भी कस्बे में भारी वाहनों की आवाजाही पर अंकुश नहीं लग रहा है। लक्सर सीओ चंदन सिंह बिष्ट का कहना है कि नो एंट्री जोन में भारी वाहन प्रवेश करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।