ब्यूरो/अमर उजाला, मंगलौर
महिला से निकाह करने के लिए उसके दोनों बच्चों को चाकलेट में नींद की गोली खिलाकर गंगनहर में फेंककर मार डालने की प्रेमी की स्वीकारोक्ति आखिरकार सही निकली। बृहस्पतिवार को बालिका का शव पुलिस ने मुजफ्फरनगर में गंगनहर से ही बरामद कर लिया। अब मामले में पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज करने जा रही है। पुलिस के अनुसार, बच्ची महक के मामा ने शव की शिनाख्त कर ली है जबकि उसके भाई अर्श का अभी पता नहीं चला है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
मूल रूप से मुजफ्फरनगर के थाना ननौता और हाल निवासी मंगलौर के मोहल्ला टोली निवासी हिना पत्नी आरिफ ने बीती दो जनवरी को अपनी बेटी महक (6) और बेटे अर्श उर्फ चांद (4) के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने बच्चों की तलाश के लिए महिला के पति, रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों से पूछताछ की थी। इसी दौरान पुलिस को पता चला था कि ग्राम बुक्कनपुर निवासी ताविस का महिला के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा है। एक जनवरी की शाम ताविस अपने दोस्त बुक्कनपर निवासी आजम के साथ महिला के घर आया था। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे बच्चों को ले गए थे, लेकिन फिर घर छोड़ गए थे। हिना की बहन आरजू ने भी यही बात दोहराई। पुलिस ने आरजू से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया था कि ताविस और आजम बच्चों को ले गए थे। इसके बाद बच्चे घर नहीं लौटे।
पुलिस ने ताविस और आजम को गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ की तो ताविस ने बताया था कि वह हिना से शादी करना चाहता था, लेकिन बच्चे नहीं रखना चाहता था। शादी में आड़े आने पर वह दोनों बच्चों को चाकलेट देने के बहाने घर से ले गया और चाकलेट के साथ दोनों को नींद की गोली खिला दी थी। इससे दोनों बेहोश हो गए थे। इसके बाद वह कार से आजम के साथ दोनों को पुरकाजी के पास कम्हेड़ा वाले पुल पर लेकर पहुंचा और उन्हें गंगनहर में फेंक दिया था। पुलिस ने ताविस और आजम के साथ बच्चों के अपहरण की साजिश में शामिल आरजू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीनों को जेल भेज दिया था। पुलिस तभी से बच्चों से की तलाश कर रही थी। कोतवाली प्रभारी गिरीश चंद शर्मा ने बताया कि अर्श की तलाश जारी है। मामले में अब हत्या का केस दर्ज किया जाएगा।