फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सपर्ट भी दर्ज नहीं करा सके मूक बधिर महिला के बयान

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
लक्सर।
छह माह पहले मूक बधिर महिला के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में पुलिस अब तक उसके बयान दर्ज नहीं करा सकी है। मूक बधिर के इशारे समझ कर उसके बयान दर्ज कराने पहुंचे विशेषज्ञ भी मूक बधिर की भाषा नहीं समझ सके। ऐसे में मूक बधिर के बयान नहीं लिए जा सके।
विज्ञापन

लक्सर कोतवाली क्षेत्र के गांव का एक युवक पथरी थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। सात अक्तूबर 2017 को वह रात्रि ड्यूटी पर गया था। घर पर उसकी मूक बधिर पत्नी अकेली थी। इसी बीच गांव के एक युवक ने उनके घर में घुसकर उसकी पत्नी के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। पति के लौटने पर उसने घटना के बाबत जानकारी दी थी। पीड़िता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने गांव के ही आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। मुकदमा दर्ज करने के बाद पीड़ित महिला के कोर्ट में बयान होने थे। लेकिन मूक बधिर होने से उसके कोर्ट में बयान दर्ज नहीं हो सके थे। इस पर पुलिस ने मूक बधिर की भाषा समझने वाली एक महिला एक्सपर्ट को लक्सर बुलाया था। इसके बाद कोतवाली पुलिस महिला एक्सपर्ट महिला को लेकर कोर्ट में पहुंची तथा उन्होंने उसके बयान दर्ज कराने चाहे, लेकिन एक्सपर्ट महिला मूक बधिर महिला के भाषा नहीं समझ सकी। ऐसे में उसके बयान दर्ज नहीं हो सके। मामले की जांच कर रहे दारोगा रमेश कुमार ने बताया की मामले में महिला के बयान दर्ज करना बेहद जरूरी है। इसके लिए कोई और नया रास्ता निकाला जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें