रुड़की। बिना नंबर प्लेट की बाइक से जा रहे युवकों को जांच के नाम पर रोकना आर्मी इंटलिजेंस के जवान को भारी पड़ गया। नाराज युवकों ने ग्रामीणों को बुलाकर जवान की पिटाई कर दी। जिससेे जवान लहूलुहान हो गया। घायल जवान को उपचार के लिए आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, दूसरी ओर ग्रामीणों ने आर्मी के जवान पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली में एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है।
टोडा कल्याणपुर निवासी दो युवक दो दिन पहले आर्मी के रास्ते गांव जा रहे थे। जिनकी बाइक को आर्मी के जवान ने चेकिंग के लिए रोक लिया था। बताया गया है कि बाइक बगैर नंबर प्लेट की थी। जिसको पुलिस के हवाले कर दिया गया था। इसके बाद शनिवार की दोपहर को गांव के ही कुनाल गिरी व विनीत गिरी गांव की तरफ जा रहे थे कि उनको भी आर्मी के जवानों ने रोक लिया। उनकी भी जांच पड़ताल की गई। जांच पड़ताल के दौरान इनकी कहासुनी हो गई । कहासुनी के बाद दोनों युवक गांव चले गए । गांव ंपहुंच कर उन्होंने आर्मी के साथ हुई कहा सुनी की बात बताई तो ग्रामीण आग बबूला हो गए और आर्मी इंटेलीजेंस के जवान को मौके पर जाकर पकड़ लिया। जिसकी जमकर धुनाई कर डाली। किसी तरह से आर्मी के जवान भी सूचना पाकर मौके पर पहुंच गए। लेकिन जब तक आर्मी जवान के साथ मारपीट करने वाले ग्रामीण वहां से फरार हो चुके थे। घायल आर्मी के जवान सतेंद्र की ओर से कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है। उधर ग्रामीणों की ओर से भी आर्मी जवानों के खिलाफ चेकिंग के नाम पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में तहरीर दी है। कोतवाली प्रभारी साधना त्यागी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
शहर में दौड़ रहे बिना नंबर के वाहन
रुड़की। टोडा कल्याणपुर मार्ग पर आर्मी एरिया में बिना नंबर की बाइक को पुलिस के हवाले करने के बाद ग्रामीणों की ओर से आर्मी इंटेलिजेंस के जवान पर हमला करने के बाद यह साबित हो गया है कि शहर में बिना पंजीकरण के कई बाइक, ट्रैक्टर और विक्रम, ई रिक् शा संचालित हो रहे हैं। एआरटीओ कार्यालय में वाहनों के पंजीकरण को गंभीरता नहीं लिया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग गंभीर नहीं है। बस, ट्रक, विक्रम की जांच के किए बिना ही फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। शहर में सैकड़ों विक्रम ऐसे हैं जिनपर परमिट की वैद्यता का विवरण चस्पा नही होता। ई रिक् शा के पंजीकरण करते वक्त बिना रिफ्लेक्टर लगाए ही उसे आरसी जारी की जा रही है, जो कि परिवहन नियमों के खिलाफ है। शहर में बिना पंजीकरण के ट्रैक्टर धड़ल्ले से चल रहे हैं। बिना पंजीकरण के वाहनों का खुलेआम संचालन होने से प्रवर्तन टीम के कामकाज पर भी सवाल उठ रहे हैं।