ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। मंगलौर के गदरजुड्डा गांव में पिछले साल हुए सुबोध हत्याकांड के मामले में तीन लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट नहीं हो पाया है। पुलिस तीनों लोगों को पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए दिल्ली ले गई थी, लेकिन वहां टेस्ट नहीं होने के बाद पुलिस तीनों को वापस लेकर लौट गई। अब अगली तारीख पर तीनों लोगों को टेस्ट कराया जाएगा।
मंगलौर कोतवाली क्षेत्र स्थित गदरजुड्डा गांव निवासी सुबोध (26) की मई 2018 में हत्या कर शव झबीरन गांव के रास्ते में पड़ने वाले रजवाहे के पास फेंक दिया था। सुबोध गांव में ही टेलर की दुकान करता था। सुबोध का शव मिलने के बाद गांव में तनाव हो गया था। इसे लेकर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा करते हुए कई घंटे शव नहीं उठने दिया था। पुलिस ने किसी तरह से मामला शांत कर शव का पोस्टमार्टम कराया था। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। इस मामले में पहले तत्कालीन कोतवाली प्रभारी गिरीश चंद शर्मा ने जांच की थी, लेकिन इसके बाद भी आरोपियाें का कुछ पता नहीं चल पाया था। बाद में इस मामले की जांच सिविल लाइंस कोतवाली में तैनात एसआई अभिनव शर्मा को दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने शक के आधार पर तीन लोगों के पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की अनुमति ली थी। एसआई अभिनव शर्मा ने बताया कि अनुमति मिलने के बाद मंगलवार को तीनों लोगों को पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए दिल्ली ले जा गया था, लेकिन किन्हीं कारणों से पॉलीग्राफ टेस्ट नहीं हो पाया है। अब टेस्ट करवाने के लिए दोबारा अनुमति ली जाएगी। इसके बाद पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा।