अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। पिरान कलियर पुलिस ने बिजनौर निवासी लुटेरी दुुुल्हन को उसके तीन साथियों के साथ टिबड़ी (हरिद्वार) से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार दुल्हन अब तक 11 लोगों से शादी कर सभी से लाखों की नगदी और गहने लूट चुकी है।
शुक्रवार को कोतवाली सिविल लाइंस में एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने खुलासा किया कि छह मई को कलियर थाना क्षेत्र के धनौरी निवासी अशोक कुमार पुत्र छत्रपाल सिंह ने तहरीर देकर मुकेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में उसने बताया था कि कड़च्छ मोहल्ला ज्वालापुर निवासी मुकेश ने कुछ दिन पूर्व पूजा उर्फ रीता निवासी कोटद्वार से उसकी शादी तय कराई गई थी। इस दौरान मुकेश ने बताया था कि लड़की परिवार से गरीब है। ऐसे में लड़की के परिवार को शादी करवाने के लिए 50 हजार रुपये मेरे से उधार लिए। रोशनाबाद कोर्ट में दो अप्रैल को मुकेश और पूजा की शादी हुई। इस दौरान पूजा के पिता महेंद्र भी शादी में शामिल हुए थे। शादी की रात को दुल्हन पूजा घर से जेवरात लेकर फरार हो गई। सुबह जब दुल्हन घर में नहीं मिली तो परिजनों के होश उड़ गए। काफी तलाश के बाद उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने बिचोलिए की तलाश की। पता चला कि बिचोलिया ज्वालापुर में किराए के मकान में रहता है। उसके घर गए तो ताला लगा था। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और आरोपियों की तलाश में जुट गई।
बृहस्पतिवार शाम कलियर पुलिस ने टिबड़ी (हरिद्वार) से महिला समेत इस गिरोह के चार लोगों को पकड़ लिया। एसपी देहात ने बताया कि आरोपी मुकेश और अरुण (निवासी नरैना, थाना कोतवाली बिजनौर, यूपी), भोपाल (निवासी मखवाड़ा थाना कोतवाली बिजनौर), रीता उर्फ पूजा (निवासी झाड़पुरा थाना अफजलगढ़ जिला बिजनौर) की रहने वाली है। एसपी देहात ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से अशोक कुमार से ली गई 50 हजार में से 35 हजार की रकम, मंगलसूत्र, बिछवे बरामद कर लिए हैं। एसपी देहात ने बताया कि यह गिरोह अब तक राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा करीब 11 लोगों को शादी के नाम पर झांसा देकर उनसे नगदी व जेवरात लूटकर फरार हो चुके हैं।
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ऐसे देते थे घटना को अंजाम
आरोपी मुकेश ऐसे युवकों की तलाश करता था जिनकी शादी होने के बाद पत्नी या तो मर गई हों या फिर किसी युवक की शादी नहीं हो रही हों। इसके बाद वह युवती को गरीब बताकर उसकी परिजनों को पैसे देने की बात करके शादी के लिए राजी कर लेते थे। भोपाल लड़की का पिता और अरुण भाई का रोल अदा करता था। वकील की भूमिका से लेकर पुजारी तक यह सभी लोग काम बड़ी चतुराई से करते थे। जब दुल्हन दूल्हे के साथ चली जाती थी तो वह दुल्हे के परिजनों के साथ ऐसा घुल-मिल जाती थी कि जैसे वह कई दिनों से उसको जानते हों। एक रात में ही मौका देख कर सबको नींद की गोली खिला कर फरार हो जाती थी। इस तरह की घटना को अंजाम देने में माहिर थे।