ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
मरीज और तीमारदार ने अटल आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने के लिए निजी अस्पताल में रेफर करने की जिद पर सीएमएस कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी। सीएमएस ने पिता-पुत्र के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
सोमवार सुबह रुड़की निवासी व्यक्ति अपने बेटे के साथ सिविल अस्पताल में सीएमएस डॉ. डीके चक्रपाणि के कक्ष में पहुंचा और बताया कि वह डायलिसिस का मरीज है। साथ ही उसके पास अटल आयुष्मान योजना का कार्ड है। लिहाजा उसे हरिद्वार के निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाए। सीएमएस ने कहा कि सुविधा उपलब्ध होने पर मरीज का पहले सरकारी अस्पताल में ही उपचार होगा। सुविधा नहीं होने पर मरीज को सरकारी अस्पताल में ही रेफर किया जाता है। लिहाजा वह मरीज को देहरादून के सरकारी अस्पताल में ही रेफर कर सकते हैं, लेकिन मरीज हरिद्वार के निजी अस्पताल में रेफर करने पर अड़ा रहा। सीएमएस के साफ मना करने पर मरीज और उसके तीमारदार ने कार्यालय में ही हंगामा शुरू कर दिया। सीएमएस की मरीज और तीमारदार के साथ तीखी नोकझोंक होने लगी। सीएमएस ने युवक को बाहर जाने को कहा तो वे भड़क उठे। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने दोनों को बाहर निकाला। इस दौरान गुस्साए युवक ने दरवाजे पर लगे शीशा को तोड़ दिया। इस दौरान कांच के कुछ टुकड़े खड़े सीएमएस और एक कर्मचारी को जा लगे। सीएमएस की सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक दोनों फरार हो गए। सीएमएस डॉ. डीके चक्रपाणि की तहरीर के आधार पर पुलिस सीसीटीवी फुटेज चेक कर रही है।