ब्यूरो/अमर उजाला, खानपुर
बरसात में गंगा नदी से हुए भू कटाव के बाद बाढ़ प्रभावितों में अपात्र किसानों नाम जोड़ने और उन्हें मुआवजा बांटने पर तहसीलदार की रिपोर्ट के बाद उपजिलाधिकारी ने हलका लेखपाल को निलंबित कर दिया है। उन्होंने लेखपाल को लक्सर तहसील से अटैच करने के साथ ही रिकवरी के आदेश भी तहसीलदार को दिए हैं।
वर्ष 2018 में बरसात के दौरान खानपुर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई किसानों की भूमि बह गई थी। प्रशासन के आदेश पर लेखपाल ने प्रभावितों की सूची बनाकर भेजी थी। लेखपाल की रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावितों को मुआवजे के चेक बांटे गए थे। इसी बीच बीती एक जनवरी को लक्सर में तहसील दिवस के दौरान कलसिया निवासी जय सिंह ने डीएम दीपक रावत के सामने मुआवजा बांटने में गड़बड़ी की शिकायत की थी। डीएम ने राजस्व निरीक्षक वीर सिंह सैनी से मामले की जांच कराई तो गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
जांच में खुलासा हुआ कि रघुनाथपुर उर्फ बालावाली के 23 अपात्र लोगों को सात लाख 29 हजार 225 रुपये के चेक दे दिए गए। इनमें से अधिकांश किसानों को जिस कृषि भूमि में कटाव दिखाकर मुआवजा दिया गया है, सरकारी दस्तावेजों में वह भूमि उनके नाम दर्ज ही नहीं है। कुछ की जमीनों में कटाव न होने के बावजूद उनके नाम सूची में शामिल कर चेक दे दिए गए थे। इसके बाद उपजिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने तहसीलदार गोपाल चौहान से जांच कराई तो अपात्र किसानों को मुआवजा देने की पुष्टि हुई है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि लेखपाल अरुण कुमार को निलंबित कर लक्सर तहसील से अटैच कर दिया है। साथ ही लेखपाल से रिकवरी करने के आदेश दिए हैं।