संजीव त्रिवेदी
रुड़की। परिवहन निगम की बसों में विशेष श्रेणी के टिकटों ने नाम पर यात्रा करने का ‘फर्जीवाड़ा’ रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पड़ताल में फिर सामने आया कि पिछले आठ दिनों (16 अप्रैल से 23 अप्रैल तक) में प्रदेश के विभिन्न डिपो में 32 यात्राएं सांसदों ने, 10 विधायकों और सात यात्राएं पूर्व विधायकों ने की है। जबकि इन्हीं आठ दिनों में 469 आर्मी वारंट के टिकट भी काटे गए। विशेष श्रेणी के इन टिकटों पर एक लाख से अधिक का खर्च आया है। बावजूद इसके निगम अधिकारी सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहे हैं।
अमर उजाला ने अपने नौ अप्रैल के अंक में परिवहन निगम में घोटाले की खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद हुए हो हल्ले के बाद शासन हरकत में आया और मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए। उसके बाद से निगम मुख्यालय के अधिकारी यूकेटीसीएफएमएस (उत्तराखंड ट्रांसपोर्ट फ्लीट मैनेजमेंट सिस्टम) में गड़बड़ी की बात कहकर मामले को दबाने में जुट गए। अधिकारियों के मुताबिक ई-टिकटिंग मशीन में आठ अंक अंकित होने की व्यवस्था है। जबकि आईटी सेल के अधिकारियों का दावा था कि मशीन में 12 अंक फीड करने की व्यवस्था है। इस दौरान डिपो के एजीएम और परिचालकों का कहना था कि उन्हें परिचय पत्र के अंतिम चार नंबर ई-टिकटिंग मशीन में फीड करने के निर्देश हैं। मामले के तूल लेने के बाद निगम अधिकारियों ने यूकेटीसीएफएमएस को अपडेट किया। साथ ही सभी डिपो के एजीएम को निर्देश दिए कि वह प्रतिदिन विशेष श्रेणी की यात्राओं की जांच अपने स्तर से करें। परिचालकों को परिचय पत्र के पूरे नंबर ई-टिकटिंग मशीन में फीड करने के निर्देश दिए गए। निगम मुख्यालय के अनुसार नया साफ्टवेयर देहरादून ग्रामीण डिपो, देहरादून पर्वतीय डिपो, देहरादून ब डिपो व रुड़की डिपो की बसों की ई-टिकटिंग मशीनों में फीड कर दिया गया है। बुधवार को शेष डिपो की बसों की मशीनों में साफ्टवेयर डाल दिया जाएगा। निगम मुख्यालय दावा कर रहा है कि फर्जीवाड़ा का मामला उजागर होने के बाद विशेष श्रेणी के टिकटों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी का नतीजा है कि उन्होंने देहरादून डिपो में एक एमपी के नाम पर फर्जी यात्रा का मामला पकड़ा है। परिचालक से रिकवरी कर ली गई है। अमर उजाला ने जब इस मामले में फिर पड़ताल की तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। इनके मुताबिक 16 अप्रैल से 23 अप्रैल के बीच 32 एमपी, 10 एमएलए और सात पूर्व एमएलए ने सफर किया है। इन यात्राओं में 3,655 का खर्च आया है। जबकि 469 आर्मी वारंट पर हुई यात्राओं में 1,18,510 के खर्च आया है। जिन जगहों पर रेलवे स्टेशन हैं वहां भी वारंट के नाम पर टिकट कटे हैं। फर्जीवाड़ा जारी है, फिर भी अधिकारी सब कुछ ठीक कहकर मामले को दबाने की कोशिश में जुटे हैं।
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श्रेणी डिपो यात्री यात्रा खर्च
एमपी देहरादून ग्रामीण 01 95
हरिद्वार 01 33
हरिद्वार जेएनएनयूआरएम 01 31
काशीपुर 02 88
काठगोदाम 03 104
लोहाघाट 01 35
पिथौरागढ़ 04 272
ऋषिकेश 01 115
रुड़की 01 100
रुद्रपुर 12 488
ग्रामीण जेएनएनूआरएम 01 55
टनकपुर 03 132
श्रेणी डिपो यात्री यात्रा खर्च
वर्तमान भवाली 03 780
एमएलए देहरादून ब 01 730
हरिद्वार जेएनएनयूआरएम 01 65
काठगोदाम जेएनएनयूआरएम01 28
कोटद्वार 01 28
लोहाघाट 01 19
पिथौरागढ़ 01 54
रुड़की 01 90
श्रेणी डिपो यात्री यात्रा खर्च
पूर्व हल्द्वानी 01 46
एमएलए काठगोदाम 02 59
कोटद्वार 01 95
रामनगर 02 58
टनकपुर 01 23
श्रेणी डिपो यात्री यात्रा खर्च
आर्मी वारंट अल्मोड़ा 16 2,490
भवाली 4 129
देहरादून ग्रामीण02 215
हल्द्वानी 53 18,915
हरिद्वार 01 16
हरिद्वार 02 67
जेएनएनयूआरएम
काशीपुर 04 97
काठगोदाम 01 19
कोटद्वार 01 75
लोहाघाट 21 3,689
पिथौरागढ़ 196 54512
रानीखेत 81 11,609
ऋषिकेश 02 57
रुड़की 01 30
रुद्रपुर 01 26,400
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मैं अवकाश पर हूं। इस संबंध में आप जीएम से बात करें।
-ब्रिजेश कुमार संत, प्रबंध निदेशक, परिवहन निगम
कोट
सांसदों व विधायकों के टिकटों के नाम पर फर्जी यात्रा का एक मामला सामने आया है। जिसे पकड़ लिया गया है। परिचालक से रिकवरी कर ली गई है।
-दीपक जैन, महाप्रबंधक संचालन-तकनीकी