अमर उजाला ब्यूरो
लक्सर। पति ने ही अपनी पत्नी महज पचास हजार रुपयों के लिए बेच दी। खरीदार ने भी उससे वेश्यावृत्ति करने का दबाव बनाया तो वह जैसे-तैसे वहां से भाग गई। पुलिस ने पास पहुंची, लेकिन उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। बाद में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिनाफ मुकदमा दर्ज किया। क्षेत्र की एक महिला ने एसीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसके ससुराल वाले उससे पचास हजार रुपये की मांग करते आ रहे थे। इस बीच उसने दो बच्चों को भी जन्म दिया। अप्रैल के महीने में उसके जेठ शनाजुल ने उसे अकेला देखकर उसके साथ दुराचार का प्रयास किया। आरोप है कि जब उसने इसकी शिकायत अपने पति से की तो उसने उसे नजरअंदाज कर दिया। विवाहिता का आरोप है कि इसके बाद उसके पति ने उसका हरिद्वार में एक व्यक्ति से पचास हजार में सौदा कर दिया। वह किसी तरह वहां से भागकर ससुराल पहुंची। उसका आरोप है कि ससुरालियों ने एक बार फिर उस व्यक्ति को बुलाकर उसे उसके सुपुर्द कर दिया। विवाहिता का आरोप है कि उस व्यक्ति ने हरिद्वार ले जाकर उस पर वेश्यावृत्ति करने के लिए दबाव बनाया, लेकिन वह फिर वहां से निकलकर किसी तरह अपने मायके पहुंची तथा परिजनों को घटना की जानकारी दी। विवाहिता का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। उसके बाद उसने कोर्ट की शरण ली। कोतवाल अमरचंद शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर विवाहिता के पति शमीम, ससुर याकूब, जेठ वसीम व शनाजुल, ताहिरा, ननद गुलशाना व ननदोई मुस्रलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।