ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
हरिद्वार-सहारनपुर में जहरीली कच्ची शराब से होने वाली मौतों की जांच की आंच दिल्ली, मुंबई और हिमाचल तक पहुंच गई है। दरअसल, रुड़की स्थित जिस कंपनी ने आईपीए (आइसोप्रोपिल एल्कोहाल) खरीदा था, वह इन तीनों राज्यों से यहां सप्लाई किया गया था। बताया जा रहा है कि अगर गड़बड़ी पाई जाती है तो पुलिस की ओर से इन तीनों राज्यों में भविष्य में बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जहरीली कच्ची शराब प्रकरण में पुलिस की जांच में नए राज खुलकर सामने आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी पुलिस ने जहरीली कच्ची शराब मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन लोगों से पूछताछ की तो नया मामला खुलकर सामने आया। रुड़की स्थित जिस कंपनी के मालिक और मैनेजर को पुलिस ने गिरफ्तार है, उन्होंने पूछताछ में बताया कि उनकी कंपनी में आने वाला आईपीए केमिकल दिल्ली, मुंबई और हिमाचल से सप्लाई किया जाता है। इन तीनों राज्यों से केमिकल सप्लाई होने का मामला सामने आने पर पुलिस की जांच का दायरा यूपी-उत्तराखंड से बढ़कर दिल्ली, मुंबई और हिमाचल तक पहुंच गया है। इन तीनों राज्यों की पुलिस से स्थानीय पुलिस ने संपर्क साधा है। पुलिस यह पता लगाने प्रयास करेगी कि इन तीनों राज्यों ने यह केमिकल कहां से खरीदा था और केमिकल खरीदे गए दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी तो नहीं है। बताया जा रहा है कि अगर पुलिस जांच में थोड़ी भी गड़बड़ी पकड़ में आती है तो इन तीनों राज्यों में भी पुलिस की ओर से बड़ी कार्रवाई तय है। एसपी देहात नवनीत सिंह ने बताया कि तीनों राज्यों में पुलिस टीम भेजी गई है। केमिकल यहां से सप्लाई होकर रुड़की आया था तो उसमें क्या-क्या दस्तावेजों का होना जरूरी है। जांच में अगर कोई गड़बड़ी सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
मैनेजर सचिन गुप्ता के मोबाइल से खुलेंगे राज
एसपी देहात नवनीत सिंह ने बताया कि जिस कंपनी से केमिकल खरीदकर जहरीली कच्ची शराब बनाई गई थी, उसके मैनेजर सचिन गुप्ता का मोबाइल भी कब्जे में लिया गया है। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उसके संपर्क में दिल्ली, मुंबई और हिमाचल के कौन-कौन लोग थे। साथ ही अगर कोई चीज मोबाइल से डिलीट की गई है तो उसे भी रिकवर किया जाएगा।
पूर्व में नार्कोटिक्स एक्ट में जा चुका है जेल
एसपी देहात नवनीत सिंह ने बताया कि कंपनी का मैनेजर सचिन गुप्ता पहले भी नशीले पदार्थ रखने के मामले में नार्कोटिक्स एक्ट के तहत जेल जा चुका है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए तीन अन्य मनोज कुमार, अमित और विपिन की भी कुंडली खंगाली जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि इनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और वे किस कारोबार से जुड़े हैं।
चार लोगों की और चल रही तलाश
एसपी देहात नवनीत सिंह ने बताया कि अर्जुन ने जहरीली कच्ची शराब के मामले में चार लोगों सुभाष मास्टर, सुशील चौधरी, इलम व फिरोज के नाम बताए थे। इन लोगों की तस्दीक की जा रही है। साथ ही पता लगाया जा रहा है कि ये लोग कहां के रहने वाले हैं और क्या काम करते हैं। साथ ही यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि ये चारों अर्जुन के संपर्क में कब और कैसे आए थे।
पीसीआर व बी वारंट की तैयारी
एसपी देहात नवनीत सिंह ने बताया कि सहारनपुर पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तारी किया है। उन्हें जल्द ही बी वारंट पर लेकर पूछताछ की जाएगी, जबकि जिन लोगों की गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस ने की है, उनका भी पुलिस कस्टडी रिमांड लिया जाएगा। पूछताछ में जो भी सामने आएगा, उसके आधार पर आगे की जांच की जाएगी।
सीआईयू के काम को सराहा
एसपी देहात नवनीत सिंह ने जहरीली कच्ची शराब के मामले में सीआईयू की पूरी टीम की प्रशंसा करते हुए पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि टीम ने दिन रात मेहनत कर आरोपियों की धरपकड़ की। साथ ही इस मामले में जल्द से जल्द खुलासा करने का काम किया है। सीआईयू टीम में इंचार्ज रविंद्र सिंह, देवेंद्र भारती, देवेंद्र ममगाईं, महिपाल, जाकिर हुसैन, अशोक, नितिन, राजेश देवरानी और पुलिस टीम में थानाध्यक्ष झबरेड़ा कमल मोहन भंडारी, एसआई अजय जाटव, एसआई मनोज कुमार, एसआई उमेश कुमार, एसआई अर्जुन कुमार समेत दिनेश कुमार, रघुवीर, सोनू, जितेंद्र, देवेंद्र रावत, रघुवीर व राजाराम शामिल रहे।