रुड़की/मंगलौर। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लूट और चोरी की कई घटनाओं का खुलासा किया है। आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल, एक तमंचा और दो चाकू बरामद किए गए हैं। साथ ही लूट की रकम और चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। एक आरोपी के खिलाफ यूपी के मेरठ और उत्तराखंड में 13 मुकदमे दर्ज हैं। यूपी पुलिस को भी आरोपियों की तलाश थी।
शुक्रवार को एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने कोतवाली सिविल लाइंस में लूट का खुलासा करते हुए बताया कि क्षेत्र में लूट, चोरी और टप्पेबाजी की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। इसको रोकने के लिए कोतवाली प्रभारी मंगलौर प्रदीप चौहान और एसओजी के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने नगला एमाद बसवा खेड़ी रजवाहे की पटरी पर बदमाशों के होने की सूचना पर घेराबंदी की थी। खुद को पुलिस से घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायर झोंक दिया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जबकि उनका एक साथी भागने में सफल रहा। पूछताछ में उन्होंने जुलाई 2018 में नहर पुल पर साइकिल सवार से एक लाख रुपये लूटने, आठ नवंबर को झबरेड़ा में गुड़ की चरखी से छह हजार की लूट और देवबंद से मोटरसाइकिल चोरी घटनाओं की स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 19 हजार की नकदी और मोटरसाइकिल बरामद की है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों की पहचान उत्तरांचल कॉलोनी नंदग्राम सिहानी गेट थाना गाजियाबाद निवासी सुरेंद्र पाल पुत्र कांति प्रसाद डोला, सिंघावली बागपत निवासी अमित पुत्र किताब सिंह, हरजौली जट निवासी नीतू व विकास पुत्र ऋषिपाल के रूप में हुई। एसएसपी ने बताया कि सुरेंद्र पाल के खिलाफ उत्तर प्रदेश के कई थानों में लूट, चोरी, हत्या के प्रयास के 11 मुकदमे दर्ज हैं। एसपी देहात नवनीत सिंह और सीओ लक्सर स्वप्न सिंह ने भी बदमाशों से पूछताछ की। पुलिस बदमाशों की कुंडली खंगाल रही है।
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यह रही पुलिस टीम
प्रभारी निरीक्षक प्रदीप चौहान, एसओजी प्रभारी रविंद्र सिंह, एसएसआई रणवीर सिंह, एएसआई पुष्पेंद्र सिंह, रामवीर, अशोक कुमार, मनदीप नेगी, देवेंद्र ममर्गाइं, देवेंद्र भारती, सुरेश रमोला, अशोक कुमार, राजेश देवरानी, रविंद्र खत्री आदि।