ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
सुसाइड नोट छोड़कर लापता हुई आईआईटी की शोध छात्रा के मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया। छात्रा के परिजनों ने आईआईटी में फोन कर छात्रा के अपने मामा के घर सकुशल पहुंचने की जानकारी दी। साथ ही बताया कि वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थी, जिसके चलते वह चंडीगढ़ अपने दोस्त के पास पहुंच गई थी। दोस्त ने उसे समझा बुझाकर कर घर भेज दिया। छात्रा के सकुशल मिलने की सूचना पर पुलिस और आईआईटी प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
बिहार के जिला मुजफ्फरपुर की श्रीनगर कॉलोनी निवासी अनुपमा (29) पुत्री अनिल आईआईटी रुड़की में केमिकल विभाग में शोध छात्रा है। वह आईआईटी परिसर स्थित कस्तूरबा भवन के छात्रावास में रह रही थी। शुक्रवार को अनुपमा को कमरे से गायब देख सहपाठी छात्राओं ने जानकारी आईआईटी प्रशासन को दी थी। आईआईटी प्रशासन ने जब कमरे की तलाशी ली तो उसे एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था। इसमें अनुपमा ने लिखा था कि वह अपनी पसंद से शादी करना चाहती है, लेकिन परिवार की कुछ परिस्थितियों की वजह से उसकी शादी पसंद की जगह नहीं हो पा रही है। इसलिए वह सुसाइड करने जा रही है।
छात्रा के सुसाइड नोट मिलने की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंच जानकारी ली। उधर, आईआईटी प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी छात्रा के परिजनों को दी गई। पुलिस ने संस्थान परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सीओ चंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि रविवार की सुबह छात्रा के परिजनों ने आईआईटी में कॉल कर जानकारी दी कि वह सही है और अपने मामा के घर पहुंच गई है। साथ ही बताया कि वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थी, जिसके कारण वह चंडीगढ़ अपने दोस्त के पास पहुंच गई थी। दोस्त ने उसे समझाकर मामा के घर भेज दिया था।