मंगलौर। कस्बा और इसके आसपास का क्षेत्र हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने का अपराधियों का सबसे ज्यादा पंसदीदा जगह बन गया है। एक सप्ताह के भीतर दो शव इलाके में मिले हैं। इनमें एक शव की पहचान हो गई है, लेकिन दूसरे की अभी तक भी पहचान नहीं हो पाई है।
पांच दिन पहले कोतवाली क्षेत्र में लिब्बरहेड़ी के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। इसकी पहचान बाद में बागपत निवासी सुरेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह 16 फरवरी को घर से दिल्ली जाने की बात कह कर निकला था, लेकिन अगले दिन सुरेंद्र सिंह का शव लिब्बरहेड़ी के एक खेत में मिला। उसके परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। इससे पहले गुड़मंडी के पीछे तालाब में एक व्यक्ति का शव मिला था, लेकिन अभी तक उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। रुड़की रोड पर पेट्रोल पंप के सामने एक अज्ञात शव मिला था। इससे पहले भी बीते सालों में कई अज्ञात शव मिले हैं। गत वर्ष सहारनपुर के एक व्यक्ति की कार में हत्या कर शव को गंगनहर में फेंक दिया था जबकि उसकी कार गंगनहर पुल पर लावारिस हालत में मिली थी। हालांकि पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर बदमाशों को पकड़ कर शव नहर से बरामद कर लिया था। कोतवाली प्रभारी गिरीश चंद्र शर्मा का कहना है कि पुलिस अपनी ओर से पूरी सतर्कता बरतती है गश्त को अधिक प्रभावी ढंग से कराया जाएगा।