पचास लाख की फिरौती मांगने के मामले में कुख्यात सुनील राठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले चिकित्सक डा. एनडी अरोड़ा ने एसीएमओ समेत दो लोगों पर उनसे दस लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सीजीएम हरिद्वार कोर्ट में वाद दायर किया है। भ्रूण जांच मामले में आरोपी बनाए गए डा. एनडी अरोड़ा ने बताया कि पुलिस की ओर से मदद नहीं मिलने पर उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। डा. अरोड़ा ने इस संबंध में सीएम को भी पत्र भेजा है जिसमें एसीएमओ और उनके सहयोगी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पीएनडीटी एक्ट के तहत भ्रूण जांच मामले में आरोपी बनाए गए डा. एनडी अरोड़ा ने कुख्यात सुनील राठी की ओर से मांगी गई रंगदारी और अपने ऊपर लगे आरोपों के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को एक शिकायती पत्र भेजा है। जिसमें कुख्यात सुनील राठी की ओर से पचास लाख की रंगदारी की धमकी दिए जाने के बाबत मुकदमा दर्ज कराए जाने की जानकारी दी गई है। साथ ही बताया कि विगत पांच नवंबर को एसीएमओ डा. अशोक कुमार और उनके सहयोगी विनोद कुमार ने हरियाणा पुलिस तथा कुछ अन्य अधिकारियों के साथ उनके आवास विकास स्थित क्लीनिक पर छापा मारा था। आरोप है कि इस दौरान टीम ने उन्हें पीएनडीटी एक्ट में झूठा फंसाया गया है। क्योंकि उनके यहां जो इको कोर्डियोग्राफी करने की मशीन है, वह अल्ट्रासाउंड करने में सक्षम नहीं है। उन्होंने बताया कि टीम से मशीन की जांच करने की भी मांग की गई। साथ ही क्लीनिक पर अनैतिक कार्य से संबंधित कोई प्रमाण भी नहीं मिला। बावजूद इसके जबरन मोबाइल छीन लिया गया और क्लीनिक को सील कर दिया गया। डा. अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि छापे के बाद एसीएमओ और उनके सहयोगी ने उन्हें कार्रवाई का डर दिखाकर दस लाख की मांग की। इसके बाद उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते उन्होंने सीजेएम कोर्ट हरिद्वार में वाद दायर कराया है। पत्र में मुख्यमंत्री से एसीएमओ और उनके सहयोगी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।