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गाड़ी में सवारी बैठाकर चोरी की घटना को अंजाम देने वाले गैंग का पर्दाफाश

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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। भीड़भाड़ वाले इलाकों में टाटा सूमो से सवारियां ढोने और फिर उनके सामान चोरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ कर पुलिस ने पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल टाटा सूमो, नौ लाख 70 हजार रुपये की विदेशी मुद्रा और करीब 11 तोला सोने के जेवरात बरामद हुए हैं। सवारियों को शक न हो, इसके लिए आरोपी एक महिला को भी वाहन में बैठाते थे। पुलिस ने महिला समेत पांचों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया है।
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एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने बुधवार को सिविल लाइंस कोतवाली में प्रेसवार्ता कर बताया कि 21 अप्रैल को देर रात रीता पत्नी सुधीर कुमार दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर लिब्बरहेड़ी के पास वाहन का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान आरोपी सूमो से पहुंचे और उन्हें बैठा लिया। रास्ते में महिला के बैग से सोने के जेवरात चोरी कर लिए। थोड़ी दूर जाकर आरोपियों ने सूमो रोक दी और महिला को यह कहकर उतार दिया कि उनके कुछ साथी पीछे छूट गए हैं और उन्हें वापस जाना है। पीड़िता ने घर पहुंचकर देखा तो बैग से गहने गायब थे। पीड़िता के पति ने मंगलौर कोतवाली में केस दर्ज कराया था। खुलासे के लिए मंगलौर कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान की देखरेख में टीम बनाई गई। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि घटना में प्रयुक्त वाहन हरियाणा नंबर का है।
उसकी तलाश में पुलिस ने हरियाणा और पश्चिमी यूपी के कई स्थानों पर छापेमारी की तो पता चला कि सूमो का असली मालिक कुलविंदर सिंह निवासी कुरुक्षेत्र है। उसने पूछताछ में बताया कि सूमो काफी पहले बेच दी थी। इस तरह इसे आरोपी नितिन ने खरीदा था। 30 अप्रैल को सूचना मिली की आरोपी सूमो से घटना को अंजाम देने जा रहे हैं। रात में ही पुलिस ने दिल्ली-हरिद्वार हाईवे से सूमो सवार आरोपियों को दबोच लिया। उनकी पहचान नितिन पुत्र अनिल, रजनीश उर्फ नीरज पुत्र सुभाष, राहुल उर्फ गुड्डू पुत्र सुभाष निवासी थाना नई मंडी, मुजफ्फरनगर, नेत्रपाल पुत्र प्रसादा और अनीता पत्नी नेत्रपाल निवासी मगनपुरा थाना चरथावल, मुजफ्फरनगर के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक टाटा सूमो, नौ लाख 70 हजार की विदेशी मुद्रा, सोने का एक मंगलसूत्र, सोने के दो कंगन, सोने की एक चेन, सोने के चार झुमके, चांदी की दो पाजेब, एक आधार कार्ड और दो फर्जी नंबर प्लेट बरामद की है।
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सीट के नीचे रखवाते थे सामान, रास्ते में कर देते थे पार
गैंग के शातिर सवारियों को चंगुल में फंसाकर सूमो में बैठा लेते थे और फिर उनका सामान चोरी कर रास्ते में उतार देते थे। लोगों का भरोसा जीतने के लिए गैंग में एक महिला को भी शामिल किया था, जो सवारी के रूप में सूमो में बैठी होती थी। महिला को देख अन्य सवारियां भी सूमो में सवार हो जाती थी। बदमाशों ने गाड़ी की बीच की सीट को मोडिफाई कर ऊंचा करवा दिया था। इसके नीचे सवारियों के बैग रखवाए जाते थे। रास्ते में पीछे बैठे गिरोह के सदस्य बैग को अपनी ओर खींचकर उसमें रखा सामान चुराकर बैग दोबारा वहीं रख देते थे। इसके बाद बहाना बनाकर सवारी को बीच रास्ते में उतार दिया जाता था। इस दौरान आरोपी एक दूसरे से बात नहीं करते ताकि टारगेट किए गए व्यक्ति को शक न हो। एसएसपी ने बताया कि सूमो की डिटेल निकलवाई जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन बदमाशों ने कहां-कहां वारदात को अंजाम दिया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कोतवाली गंगनहर में दो मुकदमे दर्ज हैं और सभी रिश्तेदार हैं।
टीम में ये रहे शामिल
कोतवाल प्रदीप चौहान, एसएसआई चंद्रमोहन सिंह, उपनिरीक्षक शहजाद अली, उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह चौहान, कांस्टेबल प्रभाकर, सौरभ नौटियाल, अलियास अली, अंजू, इसरार अली, हसन अब्बास और चालक लाल सिंह।
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