ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
सूदखोरों की धमकी से परेशान एक दुकानदार फरियाद लेकर सीओ दफ्तर पर पहुंचा, मगर सीओ के नहीं मिलने पर वहीं बेहोश हो गया। हालात बिगड़ने पर उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। होश में आने पर पीड़ित ने बताया कि सूदखोरों से दो साल पहले चार लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। इसके बदले वे अभी तक साढ़े दस लाख रुपये सूदखोरों को दे चुका है। मगर हैरत की बात ये है कि न जाने किस गणित से उसपर अब सूदखोरों की 44 लाख रुपये की बकायेदारी हो गई है। पैसे नहीं दे पाने पर अब उसे ब्लैकमेल किया जा रहा है। पुलिस से शिकायत की तो कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब सीओ के यहां गुहार लगाने पहुंचे थे।
सोत मोहल्ला निवासी ललित बत्रा पुत्र नरेंद्र बत्रा ने सोमवार को सीओ रुड़की कार्यालय के बाहर चक्कर खाकर गिर पड़ा। परिजनों ने उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। जहां होश में आने पर उसने बताया कि उसने एक व्यक्ति से दो साल पहले चार लाख रुपये उधार लिए थे। अप्रैल 2018 तक वह इसके एवज में साढ़े दस लाख रुपये जमा करा चुका है। उसका आरोप है कि जिससे सूद पर रुपये उधार लिए थे, उसके साथ कई लोगों का ग्रुप जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस ग्रुप ने उसकी तरफ 44 लाख रुपये निकाल रखे हैं। ललित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसकी चैक बुक पर फर्जी साइन कर भारी भरकम रकम भर ली है। इसके आधार पर आरोपी उसे ब्लैकमेल कर रहे हैं। आरोप है कि 22 दिन पहले पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सोमवार को सीओ रुड़की ने उसे बुलाया था, लेकिन सीओ नहीं मिले। तनाव के चलते उसकी तबीयत बिगड़ गई। वहीं दूसरी ओर, कोतवाल अमरजीत सिंह ने बताया कि मंलगवार को दोनों पक्षों को कोतवाली बुलाया गया है। मामले में जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।