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रात में अवैध खनन का खेल जोरों पर

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ब्यूरो/अमर उजाला, भगवानपुर। भगवानपुर में रात के समय अवैध खनन जोरों पर चल रहा है। सोलानी नदी में खनन कर निर्माणाधीन कंपनियों में खनन सामग्री डाली जा रही है। वहीं प्रशासन को इसकी कानों कान खबर नहीं लग पा रही है।
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शाम ढलते ही कुछ खनन माफिया अपने-अपने वाहनों को लेकर सोलानी नदी में खनन करने के लिए उतर जाते हैं। वहीं देर रात तक खनन सामग्री भगवानपुर की निर्माणाधीन कंपनियों में डाली जा रही है। खननकारी दिन निकलने से पहले अपने-अपने वाहनों को लेकर फरार हो जाते हैं। अवैध खनन को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि या तो पुलिस द्वारा रात के समय गश्त नहीं की जा रही है या फिर गश्त की जा रही है तो ये वाहन पुलिस व प्रशासन को क्यों नजर नहीं आ रहे हैं। उपजिलाधिकारी संतोष कुमार पांडेय का कहना है कि मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
बुग्गावाला। घाड़ क्षेत्र के गोकलवाला में अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। खनन माफिया शाम होते ही जेसीबी मशीनों व ट्रैक्टर ट्रालियों को लेकर नदी में उतर रहे हैं। वे रातभर नदी से अवैध खनन कर स्टोन क्रशरों में स्टॉक कर रहे हैं। पुलिस की ओर से अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई न किए जाने से स्थानीय निवासियों में रोष है।
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घाड़ क्षेत्र के बुग्गावाला थाना क्षेत्र के गोकलवाला गांव के समीप मोहंड रो नदी में पिछले तीन दिन से अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। खनन माफिया शाम होते ही जेसीबी व सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रालियों को लेकर नदी में उतर जाते हैं और पूरी रात नदी व आसपास ग्राम समाज की जमीन को खोदकर स्टोन क्रशर पर स्टॉक कर रहे हैं। इससे नदी की दशा और दिशा भी बदल रही है। नदी में अवैध खनन होने से बरसात के दिनों में गांव में पानी भी घुसने की आशंका बनती जा रही है। स्थानीय ग्रामीण अवैध खनन की सूचना पुलिस प्रशासन को देते रहते हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष है। ग्रामीणो का कहना है कि अवैध खनन से सरकार को भी प्रत्येक दिन लाखों रुपये का राजस्व का नुकसान हो रहा है।
इस बाबत एसडीएम भगवानपुर संतोष कुमार पांडेय का कहना है कि खनन माफिया पर जल्द शिकंजा कसा जाएगा। जल्द छापेमारी की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, अवैध खनन की सूचना को लेकर स्थानीय निवासियों की ओर से क्षेत्रीय लेखपाल को इसकी सूचना देनी थी, लेकिन लेखपाल ने लोगों के फोन नहीं उठाए। लेखपाल की कार्यशैली से लोगों में रोष है। लोगों का आरोप है कि राजस्व विभाग की शह पर ही अवैध खनन हो रहा है।
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