मेयर के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई जांच को लेकर गठित समिति के अध्यक्ष सीडीओ प्रतीक जैन ने शुक्रवार को निगम पहुंचकर पड़ताल की। इस दौरान उन्होंने पार्षदों, ठेकेदारों और कर्मचारियों से जानकारी ली। साथ ही इनमें से कई के बयान दर्ज किए जो आरोप लगाए जा रहे हैं उनसे संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की।
गौरतलब है कि मेयर के खिलाफ विभिन्न आरोपों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसमें मेयर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने मेयर पर लीज संपत्ति के हस्तांतरण के मामले में 25 लाख की रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होने, निगम की पत्रावलियों में छेड़छाड़ करने समेत कई आरोप लगाए गए थे। इस पर हाईकोर्ट ने शासन को दो माह में प्रकरण के निस्तारण के आदेश दिए थे। मामले में शासन ने जांच के आदेश दिए थे। इस पर डीएम ने सीडीओ को जांच सौंपी थी।
अब सीडीओ की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय टीम मामले की जांच कर रही है। मामले में जांच कमेटी के सदस्य पूर्व में भी निगम पहुंचकर कागजों की पड़ताल कर चुके हैं। साथ ही मेयर और पूर्व नगर आयुक्त के भी बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इसी क्रम में सीडीओ प्रतीक जैन, टीम सदस्यों के साथ शुक्रवार को नगर निगम पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नगर आयुक्त के कक्ष में पार्षदों से वार्ता की। इस दौरान पार्षदों ने मेयर के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि दबाव बनाने के लिए ठेकेदारों का भुगतान जबरन रोका जा रहा है और फाइलों में तरह-तरह की टिप्पणी की जा रही है। 16 पार्षदों ने बयान दर्ज कराए। साथ ही आरोपों में संबंधित दस्तावेज भी जांच समिति को सौंपे। इसके बाद कुछ ठेकेदारों ने भी जांच समिति के समक्ष आरोप लगाया कि कई फाइलों का भुगतान दो साल से रोका जा रहा है। सीडीओ ने सभी की बातों को गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी फीडबैक लिया। उन्होंने जांच रिपोर्ट के बाबत फिलहाल किसी प्रकार का खुलासा नहीं किया। करीब ढाई घंटे की जांच के बाद टीम लौट गई।