बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा पर जिला पंचायत चुनाव में सत्ता का दुरुपयोग कर बसपा के जीते हुए प्रत्याशियों को रीकाउंटिंग के नाम पर जबरन हराने का आरोप लगाया है। आरोप है कि बसपा प्रत्याशियों को भाजपा ज्वाइन नहीं करने पर धमकाया जा रहा है।
नन्हेड़ा अन्नतपुर में पत्रकारवार्ता के दौरान बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने और चुनाव में धांधली कराने का आरोप है। जिले में करीब पांच से छह बसपा प्रत्याशी दूसरे नंबर पर आए हैं और उन्होंने अगर री-काउंटिंग की मांग की तो उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई। वहीं भाजपा प्रत्याशियों की मांग पर चार-चार बार मतगणना की गई।
उन्होंने कहा कि किशनपुर जमालपुर सीट से बसपा प्रत्याशी नीलम विजयी हुई थीं लेकिन भाजपा प्रत्याशी की मांग पर फिर से काउंटिंग की गई। वहीं काउंटिंग के 72 घंटे बाद तक प्रत्याशी को प्रमाणपत्र नहीं दिया गया। इसके साथ ही सिकरोढ़ा सीट पर भी बसपा प्रत्याशी को रीकाउंटिग में हराया गया। इसके अलावा मेहवड़ खुर्द और बढेड़ी राजपुताना सीट पर भी बसपा प्रत्याशियों को हराया गया। बसपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि अब बसपा के जीते हुए प्रत्याशियों को भी धमकाया गया है कि वह भाजपा ज्वाइन कर लें नहीं तो उन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया है और बसपा इसके खिलाफ आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। किशनपुर जमालपुर से बसपा प्रत्याशी के पति आदेश कुमार ने कहा कि जीत के बाद भी उन्हें प्रमाणपत्र नहीं दिया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो वह इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे।
अंशुल सिंह को जबरन जिताया गया
एक दिन पहले बसपा से जीते अंशुल चौधरी के भाजपा में ज्वाइन करने को लेकर भी बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि टिकौला सीट पर अंशुल चौधरी चुनाव हार गए थे लेकिन उन्हें जबरन जिता दिया गया। इसका विरोध करने के लिए बड़ी संख्या में मंगलौर गुड़ मंडी के बाहर कार्यकर्ता एकत्र हुए थे और पुलिस से झड़प हुई थी लेकिन पुलिस ने उन पर लाठियां बरसाईं।