बिजली के बिल और बर्बाद फसलों का मुआवजे समेत बैठक में उठाए गए कई मुद्दे
10 सूत्री ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया
भारतीय किसान यूनियन पटेल के पदाधिकारी ने 10 मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी लक्सर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 12 सितंबर तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह 18 सितंबर को रुड़की तिरहा शिव चौक से हजारों ट्रैक्टर के साथ लक्सर तहसील मुख्यालय पहुंचकर धरना देंगे और जरूरत पड़ने पर सड़क व रेल का चक्काजाम भी करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन पटेल के पदाधिकारी की पंचायत कैंप कार्यालय पर बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों को लेकर विचार-विमर्श किया। उनका कहना था कि बाढ़ से भारी नुकसान के चलते किसानों का एक वर्ष का बिजली का बिल माफ होना चाहिए। साथ ही उन्होंने ऊर्जा निगम द्वारा लगाए गए मीटरों पर अधिक रीडिंग देने का आरोप लगाते हुए उन्हें न बदलवाने पर उखाड़कर फेंकने की चेतावनी दी।
उनका कहना था कि बाढ़ से किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है इसलिए किसानों का ऋण माफ होना चाहिए। पेराई सत्र के लिए गन्ना मूल्य अक्तूबर में घोषित होना चाहिए। उन्होंने शुगर मिलों द्वारा एक दूसरी मिल के क्षेत्र से गन्ने की खरीद नहीं करने की मांग की। इसके अलावा वर्ष 2022-23 के आधार पर ही सट्टा जोड़कर किसानों की सप्लाई चालू की जानी चाहिए।
उनका कहना था कि आरटीओ द्वारा खनन वाहनों से मासिक शुल्क वसूला जा रहा है, इस पर अंकुश लगना चाहिए। किसानों के अपने खेत से उठाने पर किसी प्रकार का राजस्व नहीं लगना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने तहसील अधिकारियों पर पीड़ित किसानों को बाढ़ का मुआवजा न देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने 10 सूत्री मांगों को लेकर तहसील मुख्यालय पहुंचकर उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान को पत्र भी सौंपा।
इसमें चेतावनी दी है कि अगर 12 सितंबर तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वह 18 सितंबर को हजारों ट्रैक्टरों के साथ शिव चौक से तहसील मुख्यालय पर धरना शुरू करेंगे। उन्होंने सड़क और रेल का चक्का जाम करने की चेतावनी नहीं दी। बैठक में भारतीय किसान यूनियन पटेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी कीरत सिंह, तेलूराम, राकेश कुमार, अरविंद कुमार, राजसिंह, उमेश कुमार, सोमपाल सिंह, विनोद कुमार, प्रदीप कुमार, अरविंद कुमार आदि शामिल थे।