फैक्टरी के पास एक दुकान में लगे कैमरे में दिखा, पुलिस ने कैमरों की हार्ड डिस्क कब्जे में ली
पुलिस ने घटनास्थल के पास तीन दुकानों की सीसीटीवी कैमरों की हार्ड डिस्क की जांच की तो पता चला है कि फैक्टरी के बाहर 10 से 12 लोग जमा थे। गनीमत रही कि वह वहां से चंद मिनट में निकल गए। पुलिस ने अब तक हार्ड डिस्क दुकानदारों को वापस नहीं की है।
मोहल्ला कानूनगोयान स्थित अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण हादसे की पुलिस बारीकी से जांच कर रही है। जांच में कोई तथ्य रह न जाए इसका पुलिस अधिकारी विशेष ध्यान रख रहे हैं। इसके चलते ही घटनास्थल के आसपास दुकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला था और उनकी हार्ड डिस्क को पुलिस ने कब्जे में लिया है।
पुुलिस को एक दिन के अंदर लगी हार्ड डिस्क की जांच के बाद जानकारी मिली है कि घटना से चंद मिनट पहले ही फैक्टरी के बाहर करीब 12 लोग खड़े थे। गली में भारी आवाजाही थी। ये लोग ग्राहक थे या आसपास के रहने वाले थे इनकी पुलिस जानकारी जुटा रही है। वहीं, जांच में सामने आया है कि ब्लास्ट होने से चंद मिनट पहले ही ये लोग इधर-उधर गली में चले गए थे। ब्लास्ट के समय यह वहीं रहते तो और भी भीषण हादसा हो सकता था। एसपी देहात एसके सिंह ने बताया कि हर पहलू पर जांच जारी है।
फोरेंसिक जांच का दिया प्रशिक्षण
हरिद्वार से आई फोरेंसिक जांच टीम ने शनिवार को सिविल लाइंस कोतवाली पहुंचकर दरोगाओं को फोरेंसिक जांच करने का प्रशिक्षण दिया। टीम में शामिल अक्षय कुमार, अनिल चौहान ने फोरेंसिक किट के बारे में जानकारी दी। साथ ही बताया कि घटनास्थल पर पहुंचने के बाद ग्लब्स पहनकर सैंपल लिए जाएं। सैंपल लेते समय खाली हाथ नहीं लगाना चाहिए। खून के सैंपल को एक डिब्बी में सुरक्षित रखना चाहिए। साथ ही जो किट में केमिकल होता है, उसका भी सैंपल लेते हुए प्रयोग करना चाहिए। इस दौरान एसएसआई नरेश गंगवार, एसआई बारु सिंह चौहान, एसआई रोहित कुमार आदि मौजूद रहे।