अंकिता भंडारी हत्याकांड प्रकरण के मामले में दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर कोयलघाटी के समीप धरने पर बैठे युवा न्याय संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन प्रदर्शन आमरण अनशन में तब्दील हो गया है। बुधवार को शकुंतला रावत, लक्ष्मी बुडाकोटी, रामेश्वरी चौहान, लक्ष्मी कठैत क्रमिक अनशन पर बैठे।
आंदोलनकारी शकुंतला रावत ने कहा कि उत्तराखंड की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए वह स्वेच्छा से आमरण अनशन पर बैठे है और जब तक हमारी बेटी, हमारे युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा तब तक वह अनशन पर बैठी रहेगी। भाजपा सरकार को बताना चाहते हैं कि उन दोषियों को बचाने काम न करें, क्योंकि आंदोलनकारियों ने अगर ठान लिया तो सरकार को आगामी चुनाव में सड़कों पर लाने का काम किया जाएगा। अंकिता की लड़ाई के लिए भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लेकिन वह लोग हार मानने वाले नहीं है।
आंदोलनकारी राजेंद्र गैरोला ने कहा कि हमारी मातृशक्ति आमरण अनशन पर बैठ कर उन सभी लोगों के लिए एक मिसाल बन चुकी है, चाहे कितनी भी कोशिश कर लो कितना भी षड्यंत्र रच लो अब लड़ाई उन दोषियों के साथ-साथ सरकार के साथ भी हैं जो सरकार दोषियों को बचाने और केस को उलझाने का काम कर रही हैं। इस मौके पर संजय सिलस्वाल, जयेंद्र रमोला, रविंद्र प्रकाश भारद्वाज, उषा चौहान, हरि सिंह नेगी, प्रमिला जोशी, सावित्री देवी आदि मौजूद थे।