ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन गुरुकुल में ऋषिकुमारों के लिए भगवान गणेश की पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमा निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ऋषिकुमारों ने प्राकृतिक मिट्टी से गणेश की प्रतिमा बनाई। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि गणेश, विघ्नहर्ता हैं, वे हमारी बुद्धि को ऐसी दिशा देने वाले देवता हैं जिसमें विकास और विनाश के बीच का अंतर समझ में आए। उन्होंने कहा कि बच्चे अपने हाथों से मिट्टी को आकार देकर गणेश का स्वरूप दे रहे हैं। कार्यशाला के दौरान ऋषिकुमारों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मिट्टी को अपने हाथों से गणेश की प्रतिमा का आकार दिया।