ऋषिकेश। सद्गुरु आश्रम टोंक राजस्थान के संस्थापक पं. रामकुमार शर्मा इन दिनों चारधाम यात्रा के प्रवेशद्वार ऋषिकेश भ्रमण पर हैं। मंगलवार को झंडा चौक स्थित भरत मंदिर में पं. रामकुमार शर्मा दर्शनार्थ पहुंचे। उन्होंने बताया कि जो धारण किया जाता है वह धर्म है। जंगल में बैठकर 18 घंटे जप करना, भगवा वस्त्र पहनना और दाढ़ी बढ़ा देना धर्म नहीं साधना है। धर्म का मतलब आत्म मूल्यांकन की प्रक्रिया है। प्रकृति ने हर किसी को विलक्षणता देकर भेजा है। जैसे कोई गायन, वादन, लेखक, धावक बन सकता है। भारत देश संविधान से चलता है, इसलिए सनातन संस्कृति के लिए वेद, शास्त्र, ग्रंथ, पुराण, उपनिषद ऋषि मुनि हमारे उदाहरण हैं। संवाद