नालियां बजबजाईं, लावारिस कुत्तों का भी खौफ, सफाई, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था बदहाल
नगर निगम ऋषिकेश के वार्डों की स्थिति को लेकर अमर उजाला की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। हर दिन एक वार्ड में धरातल पर जाकर मूलभूत व्यवस्थाएं परखी जा रही हैं। सफाई, नालियां, स्ट्रीट लाइट, पेयजल की व्यवस्था को लेकर लोगों से बातचीत की जा रही है। शहर की सीमा पर स्थित चंद्रेश्वर नगर वार्ड में स्थिति बेहद खराब। यहां मोहल्लों में दिनभर कूड़े और सीवर की दुर्गंध के चलते सांस लेना भी दूभर हो जाता है। नालियाें का पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहता है। यहां बरसात में जलभराव एक बड़ी समस्या है। समय से कूड़ा नहीं उठता है। यहां कि अधिकांश स्ट्रीट खराब होने से शाम को गलियों में अंधेरा पसर जाता है।
पहले नगर पालिका में थे, अब नगर निगम में आ गए, लेकिन चंद्रेश्वर नगर की हालात नहीं बदली। संकरी गली और उसमें उठती बदबू से हर कोई परेशान है। घरों के शौचालय के पाइप को नाले में छोड़ने से उठती बदबू पूरे मोहल्ले के माहौल को खराब करती है। बारिश के पानी की निकासी न होने से बरसात में नालियां ओवरफ्लो हो जाती हैं। ओवरफ्लो होकर सीवर सड़क पर बहने लगता है। वार्ड में स्ट्रीट लाइट तो लगी हैं, लेकिन रात को उजाला नहीं होता। सामुदायिक शौचालय तो बना दिए गए, पर कुछ में ताले लटके हैं, तो कुछ की सफाई ही नहीं होती।
सफाई ढंग से नहीं होती। गलियों में सफाई कर्मचारी झाड़ू लगाकर एक जगह में कूड़ा एकत्रित कर देते हैं। जो कूड़ा एकत्रित किया जाता है उसे लावारिस जानवर इधर उधर बिखेर देते हैं। हर साल डेंगू और अन्य बुखार से लोग पीड़ित रहते हैं।
- सतीश भारद्वाज, स्थानीय निवासी
जिन लोगों ने घरों के शौचालय के पाइप नाली में छोड़े हैं, जब जल संस्थान का पंपिंग स्टेशन चलता है तब तो वह सीधे स्टेशन में चले जाता है। जब पंप नहीं चलता है यह सीवर का पानी एसटीपी के टैंक में एकत्रित होता है। इस दौरान से बहुत बदबू चलती है।
- दशरथ, स्थानीय निवासी
वार्ड में जितनी स्ट्रीट लाइटें लगी हैं अधिकांश बंद रहती है। निगम में शिकायत करने के बाद कोई नहीं आता। श्मशान घाट के आगे चौक पर अंधेरा पसरा रहता है। शौचालय बना है, लेकिन उसमें बिजली, पानी कुछ नहीं है। सफाई भी नियमित नहीं होती। - प्रेमा देवी, स्थानीय निवासी
वार्ड में लावारिस कुत्तों का आतंक हैं। कुछ कुत्ते घाट पर मुर्दों के अवशेष को खाते हैं और कुछ गलियों में रहते हैं। रात को बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। कुत्तों को पकड़ने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। - मदन सिंह, स्थानीय निवासी
क्षेत्र में लावारिस कुत्तों का आतंक बुरी तरह से व्याप्त है। साथ ही नालियों की सफाई न होने गलियों में मक्खियां भी दिनभर भिनभिनाती रहती हैं। नगर निगम को व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए। - मुन्नी देवी, स्थानीय निवासी
क्षेत्र में जितने लोग रहते हैं अधिकांश मजदूरी करते हैैं। गंदगी से आमदनी को बड़ा हिस्सा बीमारियों के उपचार में चला जाता है। यहां गलियों में सफाई भी नहीं होती है। दिनभर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। यहां स्ट्रीट लाइट और अन्य व्यवस्थाएं ठीक हैं।
- दुर्गा प्रसाद जायसवाल, स्थानीय निवासी
लाखों की हाईमास्ट केवल एक दिन जली
लोगों ने बताया कि नगर निगम की ओर से करीब एक महीने पहले चंद्रेश्वर नगर श्मशान घाट के पास हाईमास्ट लाइट लगाई गई थी। लाइट लगाने के बाद वह एक दिन ही जली, उसके बाद से बंद है। लोगों को हाईमास्ट का नहीं मिला पा रहा है। बताया कि यह बजट का दुरुपयोग है।
चंद्रेश्वर नगर वार्ड में सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक कराया जाएगा। इसके अलावा लावारिस कुत्तों से भी लोगों को निजात दिलाई जाएगी। - राहुल गोयल, नगर आयुक्त
समय-समय पर क्षेत्र में फॉगिंग करवाई जाती है। यदि कुछ क्षेत्रों में कूड़ा समय पर नहीं उठ रहा तो उठवाया जाएगा। जल्द ही सभी समस्याओं का निदान कराया जाएगा। - रूपा मंडल, पार्षद