फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rishikesh News: रेलवे के सुरंग निर्माण से सूखे जलस्रोत, ब्यासी में ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना

विज्ञापन
विज्ञापन
Iपेयजल का संकट झेल रहे तीन गांवों के ग्रामीणों ने रेल विकास निगम के खिलाफ खोला मोर्चाI
विज्ञापन

Iग्रामीण बोले, गधेरे से ढो रहे पानी, सिंचाई ठप से बंजर हुए खेतI

अटाली गांव के स्रोत सूखने से पेयजल समस्या से परेशान ग्रामीणों ने ब्यासी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेल विकास निगम की ओर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉडगेज रेल लाइन के लिए अटाली गांव के नीचे से बनाई जा रही रेलवे सुरंग के कारण पेयजल स्रोत सूख गए हैं। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए रेल विकास निगम के अधिकारी अनिश्चितकालीन धरना स्थल पहुंचे और समस्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि छह महीने पहले रेलवे सुरंग की खुदाई के कारण अटाली और दो अन्य गांवों के पेयजल स्रोत सूख गए। पेयजल स्रोत सूखने से ग्रामीण गधेरे से सिर पर पानी ढोकर ला रहे हैं। अटाली गांव में सिंचाई नहर भी सूख गई हैं। जिससे काश्तकारों की कई बीघा भूमि बंजर हो गई है। बुधवार को अटाली, पुण्ड्या और कौडियाला के लोगों ने ब्यासी बाजार में रेल विकास निगम के परियोजना स्थल के नजदीक अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। स्थानीय ग्रामीणों ने रेल विकास निगम लिमिटेड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विज्ञापन

ग्राम पंचायत अटाली की प्रधान दीपा देवी, कौडियाला की प्रधान कुसुम राणा ने कहा कि रेल विकास निगम की ओर से अनियोजित ढंग से काम किया जा रहा है। जिससे गांव के पेयजल स्रोत सूख गए हैं। ग्रामीणों की ओर से कई बार रेल विकास निगम के अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति के लिए कई बार पत्र लिख दिया है। कई बार वार्ता भी हो चुकी है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। कहा कि जिन प्रभावितों के मकान में दरारें आई हैं उनको मुआवजा नहीं दिया गया है। स्थानीय निवासी प्रवीन पुंडीर ने कहा कि सिंचाई गूल सूखने से किसानों की आजीविका पर संकट आ गया है। धरना देने वालों में हितेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, हरीश गोदांबरी, सुलोचना, सरदार सिंह पुंडीर, पिंकी देवी, गुड्डी देवी, विमला देवी, मदन रयाल, विनीता देवी, संजय जोशी, दीपा देवी, राजेंद्र प्रसाद, कविता देवी, राधेलाल, संजय रयाल, विकास चंद्र रयाल और राजकुमार कोहली आदि उपस्थित रहे।


Iगूलर में भी दिया धरना, आश्वासन पर खत्म कियाI

बल्याखान के ग्रामीण भी पेयजल का संकट झेल रहे हैं। ग्रामीणों ने गूलर में धरना देकर रेल विकास निगम के खिलाफ आक्रोश जताया। कहा कि रेलवे के सुरंग निर्माण किए जाने से ग्रामीणों के पेयजल के स्रोत सूख गए हैं। इससे पेयजल के साथ खेतीबाड़ी और पशुपालन प्रभावित होने लगा है। रेलवे निगम के अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीणों ने धरना खत्म कर दिया।
विज्ञापन


I
I

Iअटाली गांव में बृहस्पतिवार से जल निगम की ओर से बोरिंग का काम शुरू हो जाएगा। बल्याखान के 13 प्रभावित ग्रामीणों को दो दिन के अंदर मुआवजा दिया जाएगा। - भूपेंद्र कुमार, डीजीएम, रेल विकास निगमI
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें