यमकेश्वर ब्लॉक में बीते 19 अगस्त को हुई अतिवृष्टि से ग्राम सभा टोला, पंबा, दलमोली, तुरेडा और जिमराड़ी गांव को जोड़ने वाली पेयजल लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। गांव के ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। जल संस्थान कोटद्वार के जिम्मेदार अधिकारी क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने को तैयार नहीं हैं। पेयजल संकट से निजात पाने के लिए अब ग्रामीण स्वयं ही क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं।
स्थानीय ग्रामीण सुखदेव सिंह राणा, भारत सिंह, नरेंद्र सिंह, दौलत सिंह, सुनील राणा ने बताया कि पेयजल लाइन को टूटे हुए करीब दस दिन से अधिक का समय बीत गया है। गांव में पेयजल संकट हो गया है। ग्रामीण प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोह रहे हैं। क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को दुरुस्त करने जल संस्थान का कोई भी कर्मचारी साथ में नहीं हैं। अकेले ग्रामीण पेयजल लाइनों को ठीक नहीं कर पा रहे हैं। इस बारे में जलसंस्थान को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन उसके बाद भी कर्मचारी अपने काम से पल्ला झाड़ रहे हैं।
विभागीय कर्मचारियों को क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि ऐसा है तो इसकी जांच कर दोषी कर्मचारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। -एसके उपाध्यक्ष, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान कोटद्वार