परमार्थ निकेतन आश्रम में रविवार को सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आगाज हुआ। गंगा के तट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, साध्वी भगवती सरस्वती और कथाकार जया किशोरी ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि वसुधैव कुटुंबकम की भूमि है। यहां से विश्व एक परिवार है का संदेश लेकर जाए। उन्होंने आयुष, शांति, योग, ध्यान, गंगा, पर्वत, ग्लेशियर की दिव्य धरती पर सभी का अभिनंदन करते हुए कहा कि जी-20 के अवसर पर विश्व के अनेक देशों से आए प्रतिनिधि यहां से अद्भुत अनुभव लेकर गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेडिंग डेस्टिनेशन (विवाह स्थल) के लिए पूरे विश्व के लोगों को आमंत्रित किया है। हमने उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन की भी शुरुआत की है। इस अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने घाम तापो पर्यटन योजना का उल्लेख करते हुए सभी को चारधाम, जागेश्वर धाम के दर्शन के लिए आमंत्रित किया। सभी को आगामी कुंभ और मां नंदा राजजात यात्रा में सहभाग के लिए भी प्रेरित किया। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि ऋषिकेश योग की वैश्विक राजधानी है। उत्तराखंड, देखने का नहीं आत्मसात करने का स्थान है। यहां के जल, वायु, मृदा और पूरे वातावरण में योग ही समाहित है।