भुट्टोवाला फायरिंग कांड के फरार दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया हैं। दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी है। दोनों घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे। जबकि एक आरोपी को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर 15-15 हजार का इनाम भी घोषित किया था। सोमवार को पत्रकारों से वार्ता के दौरान एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि बीते रविवार देर रात इंद्रमणि बडोनी चौक क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक पुलिस को दिखाई दिए, जिनके चेहरे कपड़े से ढके हुए थे। पुलिस ने दोनों को रुकने का संकेत दिया, लेकिन बाइक सवारों ने बैरियर को टक्कर मारते हुए तेज रफ्तार में हरिद्वार बाईपास की ओर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्काल कंट्रोल रूम के माध्यम से आसपास के थानों को सूचना देकर उनका पीछा शुरू कर दिया। पुलिस टीम ने खांड गांव के पास संदिग्धों की घेराबंदी की। खुद को घिरता देख दोनों बदमाश रेलवे लाइन के समीप जंगल की ओर भागने लगे, लेकिन उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। इसके बाद दोनों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। एक गोली पुलिस वाहन के साइड मिरर पर लगी।एसएसपी डोबाल ने बताया कि पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। घायल बदमाशों को पुलिस ने तत्काल उपचार के लिए राजकीय उपजिला चिकित्सालय अस्पताल पहुंचाया। डोबाल ने बताया कि मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपियों से एक देशी अवैध पिस्टल (32 बोर), एक तमंचा (315 बोर), चार जिंदा कारतूस व दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। दोनों की पहचान आमिर निवासी बिंदेश्वर कंपाउंड गली, पक्की सराय, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार, अनवारूल हक उर्फ अनवर निवासी भटवोली रायपुर थाना नानपुर जिला सीतामढ़ी बिहार, हाल पता, नबी करीम दिल्ली के रूप में हुई है। बिहार में मर्डर और लूट को अंजाम देकर छिपे थे उत्तराखंड में : एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि दोनों आरोपी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। आरोपियों ने बिहार के महुआगाछी क्षेत्र में अपने साथी वसीम, उसके भाई नसीम तथा अन्य लोगों के साथ मिलकर एक व्यक्ति के साथ 3.5 लाख की लूट की घटना को अंजाम दिया था। लूट के दौरान उक्त व्यक्ति को गोली मार दी थी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद से ही बिहार पुलिस लगातार उन्हें ढूंढ रही थी। बिहार पुलिस से बचने तथा लूट में मिली धनराशि को आपस में बांटने के लिए आरोपी ढालवाला (ऋषिकेश) आए थे। यहां आरोपी वसीम का ससुर रहता है। आरोपी यहां फायरिंग की घटना को अंजाम नहीं देते तो शायद इतनी जल्द पकड़ में नहीं आते।