अंकिता हत्याकांड मामले में अब घटनास्थल और वनंत्रा रिजॉर्ट की जांच के लिए एसआईटी साइबर सेल की मदद ले रहा है। साइबर सेल टीम ने घटनास्थल और रिजॉर्ट के पास टॉवर सेल आईटी ट्रेकर लगाकर जांच की। इससे रिजॉर्ट में घटना के दिन और घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मोबाइल नंबरों से उनकी पहचान हो पाएगी।
एसआईटी का जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार सुबह साइबर सेल की टीम कुनाऊं पुलिया पर आरोपियों के अंकिता को नहर में धक्का देने की जगह पर पहुंची। टीम ने यहां काफी देर तक टॉवर सेल आईडी ट्रेकर लगाकर जांच की। इसके बाद टीम वनंत्रा रिजॉर्ट के लिए निकल गई। रिजॉर्ट के पास भी टीम ट्रेकर लगाकर काफी देर तक जांच करती रही।
इस तकनीक की मदद से टीम मोबाइल टॉवरों की मदद से घटना के दिन रिजॉर्ट और घटनास्थल पर मौजूद फोन नंबरों की जानकारी हासिल करेगी। मोबाइल टॉवरों से मिले नंबरों को खंगाला जाएगा। आरोपियों के बयान के मुताबिक घटना पर अंकिता सहित चार लोग मौजूद थे। लेकिन साइबर टीम यह पता लगाएगी वारदात के दौरान क्या कोई और व्यक्ति भी घटनास्थल पर मौजूद था।
इसके अलावा अभी एसआईटी को चीला शक्ति नहर से एक मोबाइल मिला था। यह मोबाइल अंकिता या पुलकित आर्य का हो सकता है। जबकि मौके पर अंकिता और पुलकित आर्य दोनों के पास ही फोन थे। ऐसे में फोन नंबर से दूसरे फोन और उसकी अंतिम लोकेशन की जानकारी मिल पाएगी। फोन नंबरों से घटना के दिन रिजॉर्ट में मौजूद खास मेहमानों की जानकारी भी साइबर सेल की टीम को मिलेेगी।
हालांकि विशेषज्ञ सूत्रों के अनुसार प्रकिया जटिल होने के कारण जांच में कुछ समय जरूर लगेगा। लेकिन साइबर सेल की जांच के बाद घटना से काफी हद तक पर्दा उठ जाएगा। वहीं वनंत्रा रिजॉर्ट में अय्याशी के लिए आने वाले खास मेहमान एसआईटी के शिकंजे में आ सकते हैं। इन मेहमानों को ही अतिरिक्त सेवा देने के लिए पुलकित आर्य और अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता अंकिता पर दबाव बना रहे थे।