स्वर्गाश्रम क्षेत्र के मस्तराम घाट पर नहाते समय बहे दो पर्यटकों का दूसरे दिन भी पता नहीं चला। पर्यटकों की तलाश में एसडीआरएफ ने करीब 12 किमी के दायरे में गंगा नदी में सर्च अभियान चलाया।
कुछ दिन पूर्व 8 युवाओं का एक ग्रुप दिल्ली से घूमने के लिए ऋषिकेश आया था। बीते रविवार को ये सभी स्वर्गाश्रम क्षेत्र में घूमने आए थे। यहां मस्तराम घाट पर नहाते समय युवाओं का ग्रुप गंगा की लहरों में फंस गया था। जिनमें से चार युवाओं (तीन युवक, एक युवती) को दो राफ्ट गाइडों ने बचा लिया था। जबकि नेहा (29) पुत्री शिवदत्त निवासी पीलीभीत उत्तर प्रदेश और साहिल गुप्ता (23) पुत्र सुनील कुमार निवासी गौर सिटी टू ट्वेल्थ एवेन्यू नोएडा बह गए थे।
गंगा में बहे दोनों पर्यटकों की तलाश में एसडीआरएफ रविवार से ही रेस्क्यू अभियान चला रही है। एसडीआरएफ के निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि डीप डाइविंग टीम व अन्य सदस्यों ने सोमवार को रेस्क्यू अभियान घटना स्थल से पशुलोक बैराज तक करीब 12 किमी के दायरे में चलाया। लेकिन अभी तक दोनों पर्यटकों का कोई पता नहीं चला है। रेस्क्यू अभियान जारी है।
पर्यटकों की जान बचाने वाले गाइडों को सम्मानित करेगी समिति
गंगा में बह रहे पर्यटकों की जान बचाने वाले राफ्ट गाइड अर्जुन राणा व प्रदीप नेगी को गंगा नदी राफ्टिंग रोटेशन समिति सम्मानित करेगी। समिति के अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने कहा कि राफ्ट गाइड बड़ी संख्या में हर दिन पर्यटकों की जान बचाते हैं। भट्ट ने कहा कि हमारा मकसद केवल व्यवसाय करना ही नहीं बल्कि लोगों की जान बचाना भी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को भी इन राफ्ट गाइडों को सम्मानित करना चाहिए।