यमकेश्वर ब्लॉक के आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर
डीएम के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे सरकारी नुमाइंदे
यमकेश्वर ब्लॉक के टोला, पंबा, दलमोगी, जिमराड़ी, तुरेड़ा गांव में दो सप्ताह से पेयजल संकट बना है। बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश से इन गांवों की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीण प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोने को मजबूर हैं। जलसंस्थान लाइनों की मरम्मत कर आपूर्ति सुचारु नहीं करवा पा रहा है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बना है।
नौगांव से ग्राम सभा टोला, पंबा, दलमोगी, जिमराड़ी और तुरेड़ा गांव में पेयजल आपूर्ति होती है। इन गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए कई किमी पेयजल लाइन बिछाई गई हैं। मूसलाधार बारिश से जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पेयजल लाइनों को क्षतिग्रस्त हुए करीब दो सप्ताह से अधिक का समय बीत गया है। सप्ताह भर पहले ही पौड़ी डीएम डाॅ. आशीष चौहान ने लक्ष्मणझूला स्थित डीएम कैंप कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक में यमकेश्वर एसडीएम और बीडीओ को आपदाग्रस्त गांवों में सड़क, पेयजल, विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके गांवों में पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।
स्थानीय ग्रामीण भारत सिंह राणा, सुखदेव सिंह राणा, मंगल सिंह राणा, नरेंद्र चौधरी, सतेंद्र राणा, जयपाल राणा, सोहन सिंह राणा और नरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि बारिश के कारण पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हैं। ग्रामीण प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर हैं। क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों की शिकायत कई बार विभागीय अधिकारियों से की जा चुकी है। जिम्मेदारी अधिकारी उदासीन बने हैं।
मामला संज्ञान में नहीं है। ऐसी कोई शिकायत भी नहीं आई है। संबंधित विभाग के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। पेयजल संकट की बात सामने आती है तो गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी। - दृष्टि आनंद, खंड विकास अधिकारी, यमकेश्वर