राजाजी टाइगर रिजर्व के गौहरी रेंज में वन रक्षकों की कमी चल रही है। एक वन रक्षक तीन-तीन बीटों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जिससे उन्हें बीट क्षेत्रों में गश्त करने में परेशानी हो रही हैं। हाथी बाहुल्य क्षेत्र में पेट्रोलिंग और पहाड़ी में वन कर्मचारियों को रेस्क्यू करने में भी परेशानी हो रही है।
पार्क क्षेत्र के गौहरी रेंज में 13 बीट हैं। जिसमें बिजनी सेक्शन में बिजनी, मराल, माला, पलेलगांव, बिंध्यवासीनी सेक्शन में धमांद, बिंध्यवासीनी, कुनांऊ सेक्शन में कुनांऊ, खदरी, पोखरी, लक्ष्मणझूला सेक्शन में लक्ष्मणझूला, चुरानी गार्ड, तांबाखानी, मौन शामिल हैं। नियमानुसार सभी बीटों में एक-एक वन रक्षक की तैनाती होती है। लेकिन वर्तमान समय में इस रेंज में नौ ही वन रक्षक तैनात हैं। इसमें से दो वन रक्षक ट्रेनिंग पर चले गए हैं। दो वन रक्षकों का अन्य विभाग में चयन हो गया है। जिसके कारण इनकी बीट रिक्त चल रही हैं।
एक बीट में एक वन रक्षक और उसके साथ एक सहायक होता है। टाइगर रिजर्व होने के कारण सभी बीटों में एक-एक वन रक्षक की तैनाती अनिवार्य है। लेकिन गौहरी रेंज वन रक्षकों की कमी से जूझ रहा है।
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Iबीते छह महीने से रेंज क्षेत्र में वन रक्षकों का पद रिक्त हैं। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। रिक्त पदों को शासन स्तर पर ही भरा जाएगा। वन रक्षक की कमी होने से उन्हें पार्क क्षेत्र गश्त करने में परेशानी होती है। एक वन रक्षक तीन-तीन बीटों की जिम्मेदारी संभाल रहा है। - राजेश जोशी, रेंज अधिकारी गौहरीI
28जेएनडी12-जंक्शन पर पहुंची एक्सप्रेस टे्रन में सवार होते यात्री। संवाद