ऋषिकेश। श्रावणी पूर्णिमा पर परमार्थ निकेतन में रक्षाबंधन को आध्यात्मिक चेतना, सनातन संस्कारों और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाया। परमार्थ निकेतन में इस पावन अवसर पर ऋषिकुमारों का उपनयन संस्कार विधिवत सम्पन्न हुआ। वैदिक परंपरा के अनुसार उपनयन संस्कार जीवन में ज्ञान, अनुशासन, साधना, सेवा और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने का दिव्य संस्कार है। ऋषिकुमारों ने आचार्यों के सान्निध्य में वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की और अपनी जीवन-यात्रा को ज्ञान एवं संस्कारों से प्रकाशित करने का संकल्प लिया। उन्होने कहा की आयोजन एक धार्मिक अनुष्ठान के साथ भारत की प्राचीन ऋषि-परंपरा, ज्ञान-संस्कृति और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम बना।