ऋषिकेश से पांडुकेश्वर जा रही रोडवेज की चलती बस का टायर निकल गया। गनीमत रही कि इसमें बैठीं 30 सवारियां सुरक्षित रहीं। अचानक बस रुकने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद यात्रियों ने प्राइवेट बसों से आगे की यात्रा की। इस हादसे से रोडवेज बसों की मरम्मत पर एक बार फिर सवाल उठाने लगे हैं।
ऋषिकेश से सुबह साढ़े पांच बजे बस पांडुकेश्वर के लिए रवाना हुई। शुक्रवार को कर्णप्रयाग से एक किमी पहले सुबह साढ़े 10 बजे बस संख्या (यूके 07पीए- 3284) का बैरिंग टूट गया और कंडक्टर साइड का टायर निकल गया। अचानक बस रुकने से सवारियां डर गईं। उन्होंने अपने टिकट का बाकी पैसा वापस मांगा और आगे की यात्रा दूसरी बस से की।
इससे पहले भी थम चुके हैं बसों के पहिये
नवंबर माह के तीसरे सप्ताह में भी ऋषिकेश डिपो की रोडवेज की बसें रोज रास्ते में खराब हो रहीं थी। कुछ दिन से बसों की मरम्मत सही तरीके से होने के बाद बसों को रास्ते में खराब होना थम गया है। यात्रियों का कहना है कि यदि बस अपनी गति से चल रही होती तो बस अलकनंदा नदी में गिर सकती थी। रोडवेज सूत्रों की मानें तो पर्वतीय रूट पर नई बसों को भेजने के आदेश हैं लेकिन नई बसों की मरम्म्मत के चलते पुरानी बसों को रूट पर भेजा जा रहा है।
बसों की मरम्मत को लेकर गंभीरता बरती जा रही है। मुख्यालय से डिपो को पार्ट्स भेजे जा रहे हैं। बस के टायर का बैरिंग टूटा है। ऐसा क्यों हुआ इसके कारणों का पता लगाया जा रहा है। जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी। - दीपक जैन, महाप्रबंधक (संचालन), उत्तराखंड परिवहन निगम