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Iहेंवल नदी पर लकड़ी का कच्चा पुल बनाकर आवाजाही करने को मजबूर हैं ग्रामीण
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I2013 की आपदा के बाद पुल निर्माण की उठ रही मांगI
ब्लॉक के हेंवल नदी पर पस्तोड़ा गांव में बनने वाला झूला पुल घोषणा तक ही सिमटकर रह गया है। लोनिवि की ओर से अभी तक पुल निर्माण के लिए जगह चिह्नीकरण तक नहीं की है। ग्रामीणों को हर साल लकड़ी का कच्चा पुल बनाकर नदी पार करना पड़ता है। बरसात में कच्चा पुल बह जाता है। स्थायी पक्का पुल न बनने के कारण गांव के कई परिवार पलायन कर गए हैं।
2013 की आपदा के बाद से पस्तोड़ा, पलेलगांव के ग्रामीण हेंवल नदी में झूला पुल बनाने की मांग करते आ रहे हैं। पिछले साल सितंबर में यमकेश्वर की विधायक रेनू बिष्ट ने पस्तोड़ा गांव में झूला पुल बनाने की घोषणा की थी। जिसका प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग को भेजा गया। लेकिन लोनिवि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। झूला पुल न होने के कारण बरसात में हेंवल नदी के उफान पर होने के कारण पस्तोड़ा और पलेल गांव के ग्रामीण रत्तापाणी और पाणीप्याऊ की ओर नहीं आ पाते।
स्थानीय निवासी अभय शर्मा, भूपेद्र राणा, राजेंद्र राणा, अमित राणा, दिनेश राणा, सुखपाल, विक्रम राणा ने बताया कि स्थानीय लोग सालों से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। स्थानीय विधायक की ओर से पिछले साल घोषणा की गई थी, जिससे ग्रामीणों में झूला पुल की उम्मीद जगी थी। लेकिन लोनिवि दुगड्डा की ओर से अभी तक पुल निर्माण के लिए जगह का चिह्नीकरण तक नहीं किया है। ऐसे में ग्रामीण खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
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Iलोनिवि की ओर से पस्तोड़ा में झूला पुल निर्माण के लिए प्रथम चरण में मृदा परीक्षण, भूमि चिह्नीकरण, डीपीआर बनाने के लिए एक एजेंसी को सौंपा है। जल्द ही एजेंसी मौके पर जाकर काम शुरू करेगी। - अनुज चौहान, सहायक अभियंता लोनिवि दुगड्डाI
हाथियो से खोजबीन करते वनकर्मी । संवाद
हाथियो से खोजबीन करते वनकर्मी । संवाद
हाथियो से खोजबीन करते वनकर्मी । संवाद